शिवराज ने साधा कांग्रेस पर निशाना, एक दिग्गज नेता के सगे सम्बंध हैं नक्सलियों से

भोपाल: भीमा कोरेगाँव का मामला धीरे-धीरे उलझता ही जा रहा है। पहले पुलिस ने 5 माओवादी विचारकों की गिरफ़्तारी करती है। फिर यह बात खुलकर सामने आती है कि ये पीएम मोदी को मारने की प्लानिंग कर रहे थे। फिर अब एक पत्र के सामने आने से पुनः सनसनी मच गयी है। इस पत्र में विरोध प्रदर्शन करने वालों की मदद के लिए कांग्रेस पार्टी के ज़िक्र के साथ एक मोबाइल नम्बर लिखा हुआ है, जो मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बताया जा रहा है। हालाँकि इस पत्र के सत्यता की अभी जाँच नहीं हुई है, लेकिन इस पत्र से सियासत गरमा गयी है।

कांग्रेस नेताओं का असली चेहरा आ गया सामने:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके कहा, कांग्रेस के दिग्गज नेता के नक्सलियों से सम्बंध की ख़बर बहुत ही चिंताजनक है। पहले भी वो कई बार ग़ैर ज़िम्मेदारीपूर्ण बयान देते आए हैं। इनके ऊपर देशद्रोह के भी आरोप लगते रहे हैं। कांग्रेस को जल्द से जल्द इनके ऊपर कार्यवाई करते हुए इन्हें पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए। कांग्रेस और उनके नेताओं का असली चेहरा देश के सामने आ गया है। भारत को तोड़ने की साज़िश करने वालों के साथ साँठ-गाँठ, इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक परिवार को सत्ता दिलाने के लिए अपनी मातृभूमि से धोखा देश बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहले मुझे देशद्रोही कहा अब नक्सली। अगर में दोषी हूँ तो केंद्र-राज्य सरकार मुझे सतना में ही क्यों नहीं गिरफ़्तार कर लेती। भीमा कोरेगाँव की घटना नक्सली घटना नहीं थी। यह आरक्षण के लिए दलितों और मराठा का संघर्ष था। किसी के पास किसी का मोबाइल नम्बर होने से सम्बंध सिन्द्ध नहीं हो जाता है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस नम्बर की बात की जा रही है वो पिछले 4 सालों से बंद पड़ा हुआ है। ऐसे आरोपो से लगता है कि उनके विरुद्ध गहरी साज़िश की जा रही है। टेरर फ़ंडिंग में शामिल बजरंग दल और भाजपा पदाधिकारी आईएसआई से पैसा लेने के बाद जासूसी करके भी आख़िर देशभक्त कैसे हो गए। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जनआशीर्वाद यात्रा में हमले से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये जनआक्रोश था। इसके लिए कुछ और नहीं बल्कि व्यापम और ई-टेंडरिंग जैसे मामले ज़िम्मेदार हैं। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि क्या टेरर फ़ंडिंग के आरोप में एसआईटी के हत्थे चढ़े सतना के बलराम सिंह और रज्जन तिवारी सहित अन्य रोपियों की ज़मानत के ख़िलाफ़ राज्य सरकार कोई अपील करेगी?

मुख्यमंत्री के क़ाफ़िले पर पथराव की घटना को आलीराजपुर में नाता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि पथराव की घटना एक सोची-समझी साज़िश है। उन्होंने कहा 2013 में आलीराजपुर से कुक्षी होते हुए हम धार जा रहे थे। उस समय मेरी गाड़ी में दिग्विजय सिंह भी बैठे हुए थे। कुक्षी में एक बहुत बड़ा पत्थर फेंका गया, जिस वजह से गाड़ी का काँच टूट गया। तब हमनें नहीं कहा था कि यह कोई साज़िश है। शिवराज सिंह के इशारे पर पुलिस ऐसे लोगों को भी पकड़ रही है, जिनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ़ मुझे बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।