बड़ा खतरा – जम्मू-कश्मीर के हालात बेहद नाजुक, घुसपैठ की फिराक में 300 आतंकी

श्रीनगर/नई दिल्ली – राज्य के पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात को बेहद नाजुक करार देते हुए करीब 300 आतंकवादी सक्रिय हैं तथा नियंत्रण रेखा के उस पार से निरंतर घुसपैठ चिंता का विषय है। Militants across loc infiltrate.

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में कल हुई पुलिस अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की बैठक में कहा कि, सीमापार से आतंकवादियों की निरंतर घुसपैठ चिंता का विषय है। कश्मीर में हालात को देखते हुए उन्होंने कहा कि हालात की गंभीरता और दायरा कम हुआ है, लेकिन यह अभी बेहद नाजुक बना हुआ है।

क्यों है बड़ा खतरा –

श्रीनगर में शनिवार शाम टॉप सिविल और पुलिस अफसरों की मीटिंग हुई। मीटिंग में चीफ मिनिस्टर महबूबा मुफ्ती भी मौजूद थीं। राज्य के हालात की जानकारी देते हुए डीजीपी ने कहा- एलओसी से जारी घुसपैठ फिक्र की सबसे बड़ी वजह है क्योंकि इसकी वजह से हालात बिगड़ रहे हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं कि पिछले दिनों की तुलना में हालात काफी हद तक सामान्य हुए हैं लेकिन इसके बावजूद ये बेहद नाजुक ही हैं। आज भी 250 से 300 आतंकी एक्टिव हैं। हमें अगले दो तीन महीने का रोड मैप बनाकर काम करना होगा।

अब तक 70 बिल्डिंग्स में आग लगाई –

घाटी में तनाव के बाद से अब तक करीब 70 बिल्डिंग्स में आग लगाई गई है। इनमें से 53 पूरी तरह तबाह हो गई हैं।

बता दें कि बीते आठ जुलाई को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से घाटी में अशांति है। अब तक घाटी के अलग अलग इलाकों में हुई हिंसा में अब तक 85 लोग मारे गए हैं तथा कई हजार लोग घायल हुए हैं। इस हिंसा में करीब 5,000 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं।

घुसपैठ की दो कोशिशें नाकाम

जम्मू-कश्मीर में पुंछ जिले के केजी सेक्टर में सीमा पार से देर रात दो बजे फायरिंग हो रही है। इसमें सेना का एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक नागरिक घायल है।

सेना ने बताया है कि पुंछ में सीमा पार से घुसपैठ की दो कोशिशों को नाकाम किया गया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो दिनों की शांति के बाद रविवार को एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन कर गोलाबारी शुरू कर दी।

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