इन 7 तरीकों से करेंगे अगर बच्चों की परवरिश तो हमेशा रहेंगे आपके करीब

बच्चों के मानसिक विकास में माता पिता और घर के माहौल का अहम रोल होता है। जिस प्रकार उनके शारीरिक विकास के लिए उनका काफी ध्यान रखा जाता है उसी प्रकार मानसिक विकास के लिए भी आपको बच्चों को एक अच्छा माहौल देने की जरूरत होती है। साथ ही माता पिता के प्यार और दुलार की भी जरूरत होती है। बच्चों को दिमागी और बुद्दिमान बनाने के लिए जरूरी है कि उनके साथ छोटे  छोटे दिमागी एक्टिविटी करते रहें। जैसे सवाल जवाब करना या घर में पढ़ाई लिखाई का माहौल बनाए रखना आवश्यक है। बच्चों के साथ बच्चों के स्तर का ही सवाल करें जिससे वे ज्यादा बोझ महसूस न करें ऐसा हर रोज करने से उनकी आदत ऐसी बनती जाएगी। और ऐसा करने से आपके बच्चों में पढ़ने लिखने के प्रति ज्यादा रूचि जागेगी । यह आपके बच्चों को दिमागी रूप से स्वस्थ रखेगा। आज के दौर में ये इसलिए भी जरूरी हो जाता है कि जैसे जैसे जमाना आगे बढ़ रहा है, आपकी चिंता आपके बच्चों के प्रति बढ़ रही है। ऐसे में बहुत से माता पिता होते हैं जो अपने बच्चों को सिर्फ पढ़ाई के लिए प्रेशर डालते हैं। जबकि पढ़ाई के अलावा भी कई ऐसी चीजें होती हैं जो आपके बच्चों को दिमागी रूप से स्वस्थ और जीनियस बनाएगा। तो आइये जानते हैं वे कौन कौन सी चीजें हैं जो आपके बच्चों को समझदार और संवेदनशील बनाने में सहायक होगा।

  • दिमागी खेल खेलें- अपने बच्चों के साथ घर में ही कुछ दिमागी खेल खेलें। घर में ही प्रश्नोत्तरी का माहौल बनाएं। या कोई अन्य खेल खेल रहें हैं तो उसके सारे नियम अपने बच्चों को बता दें। बच्चों को इस खेल में गलती करन दें और गलती होने पर उन्हें समझाएं। ताकि बच्चे दुबारा गलती न करें। इस खेल के साथ दिमाग तो तेज होगा ही साथ ही उन्हें मजा भी आएगा।
  • प्यार और दुलार- जो माएँ अपने नवजात को अधिक से अधिक प्यार देती हैं उन बच्चों के दिमाग के हिप्पोकेपंस के क्षेत्र में ज्यादा नर्व कोशिकाएं बनती हैं और ऐसे बच्चे दिमागी रूप से ज्यादा तेज होते हैं।
  • पौष्टिक आहार- बच्चों के दिमागी विकास के लिए पौष्टिक आहार बहुत ही जरूरी है। बच्चों को अधिक से अधिक अंडे, हरी सब्जियां, मेवे, फल आदि दें। बच्चों को जंक फूड का सेवन कम से कम कराएं। हर रोज दूध दें, दूध में बादाम मिलाकर पीने से याद्दाश्त ठीक रहती है।

  • स्टोरी बुक या कॉमिक पढ़ने को दें- स्कूली पढ़ाई के अलावा अन्य किताबों का अध्य्यन कराएं। इससे बच्चों  को दूसरी चीजों के बारे में जानने का मौका मिलेगा। और उनके समझ शक्ति या सोच का दायरा  बढ़ेगा।

  • दोस्ताना अंदाज- बच्चों के साथ दोस्ताना अंदाज रखें, उनके स्कूल होमवर्क या दूसरे तरह के काम को उनके साथ मिलकर उन्हें पूरा कराएं। उनके परेशानियों में उनका साथ दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। कभी गलती हो जाए तो डांटने के अलावा उन्हें अच्छे से समझाएं जिससे उनके उपर अधिक दबाव न बढ़े।

  • आत्मविश्वास पैदा करें-अपने बच्चों को छोटे मोटे काम करने दें। हर छोटे काम में उनकी मदद न करें। ऐसा करने से उनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। और उन्हें लगेगा कि वे छोटे मोटे काम कर सकते हैं। इससे वे कार्यों और दूसरों के प्रति संवेदनशील होंगे।

  • एक्टिव रखें- अपने बच्चों को हमेशा एक्टिव रखें, वे अपने बड़ों का ही अनुकरण करते हैं। तो आप स्वयं अपने व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर उनके साथ बुक्स पढ़ें। कुछ क्रिएटीव चीजें करें। जिससे वे इस तरह की एक्टिविटी में भाग लेंगे। यह उन्हें अपने जीवन में समझदार और संवेदनशील बनाएगा।

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