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ये है दुनिया के अनोखे अध्यापक, एक साल से ना नहाएं और ना बदले हैं कपड़े

शिक्षा के लिए आज के युवा से लेकर बुजुर्ग सभी बहुत जागरूक हैं क्योंकि शिक्षा आज के समय की बहुत बड़ी जरूरत बन गई है बिना शिक्षा इंसान कुछ भी नहीं कर सकता है ना ही जीवन में सफलता पा सकता है और ना ही जीवन में कोई और काम कर सकता है। लेकिन हमारे देश में कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो नाम के शिक्षक हैं और बहुत से बच्चों की जिंदगी खराब कर रहे हैं ऐसा ही एक मामला बठिंडा और मानसा के स्कूलों से आया जब वहां पर शिक्षक अधिकारियों ने जा कर छापेमारी गीत तब ऐसे ऐसे खुलासे हुए कि सबकी आंखें फटी रह गई और सब हैरान हो गए। क्योंकि वहां शिक्षक नाम के थे जो बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या था-

1 साल से नहीं नहाया अध्यापक

सूत्रों के अनुसार बताया गया की छापेमारी के दौरान बहुत सी हैरान कर देने वाली चीजें सामने आई जैसे वहां का एक अध्यापक ऐसा भी है जो 1 साल से नहाया तक नहीं है और उसके कपड़े काले हो गए हैं। ऐसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैतृक विद्यालय में मात्र 1 छात्र है और अध्यापक 4। ऐसे ही शिक्षक अधिकारियों ने बहुत से खुलासे किए जिसमें पता चला कि वहां पर पढ़ने वाले बच्चों को कुछ भी नहीं आता है।

गाइड से पढ़ाते हैं अध्यापक

बठिंडा के मीटिंग हॉल में शिक्षक सचिव कृष्ण कुमार ने खुलासा किया कि बच्चों से स्कूल में पूछे गए सवालों का जवाब  ठीक से नहीं दे पा रहे थे इससे पता चलता है कि वहां के शिक्षक बच्चों को गाइड से पढ़ाते हैं जब शिक्षकों का ऐसा हाल है तो बच्चे क्या जवाब देंगे। वहीं दूसरी ओर मानसा जिले के मांडली स्कूल में मात्र 10 छात्र पढ़ते हैं जबकि उनमें से 7 ही विद्यार्थी आते हैं और जिस दिन छापेमारी हुई उस दिन सिर्फ एक ही विद्यार्थी वहां पर उपस्थित था।

35 अध्यापक लेट 9 गैर हाजिर

इस छापेमारी के दौरान मानसा और भटिंडा के 11 जिलों के 170 स्कूलों का निरीक्षण किया गया जहां पर 35 अध्यापक समय से देरी पर स्कूल पहुंचे और 9 तो गैर हाज़िर ही रहे। निरीक्षक ने बताया कि स्कूल के 50 फ़ीसदी विद्यार्थी स्कूल से अनुपस्थित थे और उन्होंने स्कूल के अधिकारियों से बच्चों के अनुपस्थित होने की रिपोर्ट भी मांगी है वह भी लिखित में।

बच्चों की डायरी चोरी होने का बनाया बहाना

स्कूलों के अधिकारियों से जब बच्चों की डायरी निरीक्षक द्वारा मांगी गई तो उन्होंने कहा कि बच्चों की डायरी चोरी हो गई है। वहां के अध्यापकों पर समय से क्लास में लेक्चर ना देने और कुछ अध्यापकों पर ड्यूटी टाइम पर मोबाइल में गेम खेलने और भी कहीं अधिक मामले दर्ज कराए गए और उन पर कार्यवाही करने के लिए कहा गया। स्कूल के साइंस टीचर को गैरहाजिर पाते हुए उनका ट्रांसफर वहां कर दिया गया जहां पर साइंस टीचर की आवश्यकता हो और बाकी छह गैरहाजिर अध्यापकों को नोटिस जारी किया गया कि वह अपने गैर हाजिर होने की रिपोर्ट लिखित में दें।

बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ होता देख शिक्षा सचिव परेशान हो गए और उन्होंने ऐसी स्थिति देखकर बहुत बड़े-बड़े अहम फैसले लिए जिसमें कुछ बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में कराने की सलाह दी और कुछ बच्चों के लिए उन्होंने स्पेशल कार्यवाही भी की इसके अलावा बहुत से अध्यापकों को निश्चित किया गया और कुछ अध्यापकों का ट्रांसफर कर उन्हें दूसरे स्कूलों में कार्यरत किया गया। स्कूलों के इस गैरजिम्मेदाराना रवैया के खिलाफ शिक्षा सचिव ने काफी बड़े बड़े अहम फैसले लेते हुए कहा कि यदि इस तरह से भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा तो भविष्य निर्माण कैसे किया जायेगा।

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