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SC/ST एक्ट में बदलाव के समर्थन में आएं योगी के मंत्री, ‘कानून का इस्तेमाल होता था गलत’

जहां एक तरफ सोमवार को दलितों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रदर्शन किया तो वहीं दूसरी तरफ इस पर सियासत जारी हो चुकी है। कोई इसके पक्ष मेें बयान दे रहा है, तो कोई इसके विपक्ष में बयान दे रहा है। इन सबके बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन को मंजूरी दे दी है। साथ ही इसकी सुनवाई अब खुली अदालत में होगी। बता दें कि सोमवार को देशभर में हिंसा का माहौल देखने को मिला था, जिसको लेकर आज भी कानून व्यवस्था को एकदम चुस्त रखा गया है। तो आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

सोमवार को हुई हिंसा में कई लोगों की जान गई तो भारी संख्या में नुकसान भी हुआ। इन सबके बीच आनन फानन में कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार की कोशिश अब रंग लाती दिख रही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की मंजूरी दे दी है। बता दें कि इस मामले में आज दो बजे सुनवाई होगी, जोकि खुली अदालत में होगी। तो अब हम आपको बताते हैं कि यूपी के सीएम योगी के मंत्री ने इस मामले में क्या कुछ कहा है? बता दें कि योगी के मंत्री एससी एसटी एक्ट में हुए बदलाव के समर्थन में एक रैली को संबोधित किया है।

SC/ST एक्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्री राजभर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कानून में बदलाव होना जरूरी था, क्योंकि इस एक्ट का प्रोयग गलत होता था, इस दौरान कार्यकर्ताओ को इस विरोध में शामिल न होने की भी नसीहत दी। बता दें कि राजभर ने कहा कि मैं भी एससी एसटी का ही नेता हूं, लेकिन मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन करता हूं, क्योंकि ये पूरी तरह से जायज है। राजभर यही नहीं रूके उन्होंने आगे कहा कि  इस एक्ट का पहले लोग गलत इस्तेमाल करते थे, ऐसे में इसे कमजोर नहीं, बल्कि न्यायिक बनाया गया है।

राजभर ने आगे कहा कि पहले इस एक्ट के तहत अगर एक व्यक्ति के साथ मारपीट होती थी, तो केस 10 लोगों के खिलाफ दर्ज होता था, जोकि सरासर अन्याय है, ऐसे में इसे मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह का  फैसला लिया है, जिसका समर्थन हम सभी को करना चाहिए, हिंसा करना बिल्कुल भी जायज नहीं है।

SC/ST एक्ट

यूपी  के मंत्री राजभर ने कहा कि अब इस मामले में पहले जांच होगी फिर कार्रवाई की जाएगी, न कि पहले की तरह आंख बंद करके फैसला किया जाएगा, इससे न्यायिक प्रक्रिया और भी ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनेगी। गौरतलब है कि राजभर ने ये भी कहा कि इस एक्ट के तहत निर्दोंषो को भी फंसाया जाता था, जिसके बाद उन पर अत्याचार होता था। हालांकि, अब देखना ये होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला बदलता है या फिर उसी पर टिका रहेगा।

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