नवजात बच्चे के माथे और बाजू पर उभर रहे ॐ और त्रिशूल के निशान, डॉक्टर भी पड़े हैरत में!

दुनियाँ में कभी- कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जो लोगों को हैरत में दाल देती है। लोग समझ नहीं पाते हैं कि आखिर यह कैसे हो सकता है, आखिर यह भगवान ही कर रहा होगा। या यह साक्षात् भगवान का ही रूप होगा। आजकल एक ऐसी ही घटना हुई है झारखण्ड के दुमका जिले के रामगढ़ क्षेत्र में। वहाँ पर एक बच्चे ने जन्म लिया है जो आजकल सुर्ख़ियों में छाया हुआ है। इस नवजात बच्चे का जन्म 10 अगस्त को हुआ था अब से बच्चे के माथे, छाती और बाजू पर बारी- बारी से त्रिशूल, त्रिनेत्र और ॐ का निशान उभरता रहता है। यह निशान शाम होते ही धुंधला पड़ जाता है और अगले दिन सुबह होते ही यह फिर से पूरी तरह उभर आता है। बच्चे को ईश्वर का चमत्कार माना जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि यह साक्षात् भगवन शंकर का अवतार है। कुछ लोग तो इस बच्चे को दुर्गा और विष्णु का भी अवतार मान रहे हैं। इस बच्चे का जन्म रामगढ के अरुण कुंवर के घर हुआ है। जब से बच्चे ने जन्म लिया है तब से आस- पास के कई गाँवों से हर रोज बड़ी संख्या में लोग बच्चे को देखने आ रहे हैं।

इस घटना से डॉक्टर भी हैरत में पड़ गए हैं, उन्हें भी कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर यह किस वजह से हो रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने रक्त से सम्बंधित ब्लड कैपलरीज डिफेक्ट के एक बीमारी हिमान्ज्योमा बताया है। लेकिन वो पूरी तरह से यह बताने में असमर्थ हो रहे हैं कि आखिर यह कैसे हो सकता है। डॉक्टर भी हैरान हैं कि निशान हर रोज सुबह उगता है और शाम होते ही गायब हो जाता है। बच्चे के घर वालों का कहना है कि उनके बच्चे को कोई बीमारी नहीं हुई है, वह पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्चे के अन्दर कोई भी बीमारी का लक्षण नहीं है।

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