अध्यात्म

होली की भस्म बदल सकती है आपकी किस्मत, जानिए कैसे कर सकते हैं इसका प्रयोग

होली के अचूक टोटके : हिंदू धर्म के हर त्योहार के पीछे कुछ पौराणिक मान्यताएं और वजहे होती हैं और होली के त्योहार के पीछे भी ऐसी मान्यता है। दरअसल होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है ..

पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्याकश्यप नाम का एक क्रूर राजा था जो कि ईश्वर की अवहेलना करता था पर उसका पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का उतना ही उनकी बड़ा भक्त था .. ऐसे में हिरण्याकश्यप ने अपने पुत्र को सजा देने के लिए अपनी होलिका नाम की बहन को प्रहलाद के साथ अग्नि में बैठ जाने का आदेश दिया था..दरअसल होलिका को ये वरदान था कि उसके ऊपर अग्नि का कोई असर नहीं होगा .. पर जब वो प्रहलाद को मारने के उद्देश्य से चिता सजा कर अग्नि पर उसे लेकर बैठी तो भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद को तो कुछ नहीं पर होलिका अपने वरदान के बावजूद उस अग्नि में जलकर राख हो गई ।

तब से उसी के प्रतीक स्वरूप होली के एक दिन पहले होलिका जलाई जाती है.. ऐसे में होलिका की अग्नि बेहद पवित्र और शक्तिशाली मानी जाती है .. साथ ही इसकी राख भी बेहद शुभ मानी जाती है .. इसीलिए होलिका दहन के अगले दिन लोग होली जलने के स्थान पर जाकर वहां होली की भस्म उड़ाकर धुलेंडी मनाते हैं। वहीं कुछ लोग इस होली की राख को अपने साथ घर भी ले आते हैं । शास्त्रों के अनुसार चार सिद्ध रात्रियों में से एक होलिका दहन वाली रात भी होती है और ऐसे में नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव से बचने के लिए होलिका दहन को सबसे शुभ माना जाता है .. इस दिन किए गए उपाय से मनचाहा फल मिलता है। आज हम आपको यही बता रहे हैं कि कैसे होली की पवित्र अग्नि और इसके भस्म का प्रयोग कर आप इसकी अध्यात्मिक शक्ति का लाभ ले सकते हैं।

सौभाग्य की प्राप्ति होती है : होली के अचूक टोटके

दरअसल होली की भस्म को लेकर मान्यता है कि इसमें इसमें देवताओं की कृपा होती है और ऐसे में इसे माथे पर लगाने से सौभाग्य और बुद्धि की प्राप्ति होती है।

लेप लगाने से चर्म रोग दूर होते हैं :  होली की भस्म बदल सकती है आपकी किस्मत

वहीं होली की भस्म को लेकर ये भी कहा जाता है कि इस राख में शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त और दूषित पदार्थो को नष्ट करने की क्षमता होती है। ऐसे में इस भस्म का लेप करने से कई तरह के त्वचा सम्बंधी रोग हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार होली की भस्म का लेप करते समय इस मंत्र का उच्चारण करना लाभकारी सिद्धा होता है..

वंदितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च।

अतस्त्वं पाहि मां देवी! भूति भूतिप्रदा भव।।

साथ ही होली की भस्म के लिए एक मान्यता ये भी है कि इसे घर में लाने से घर से नकारात्मक और अशुभ शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है। इसलिए लोग इसे घर में लाकर रखते हैं .. वहीं कुछ लोग इसे ताबीज में भरकर घारण करते हैं, ताकि नकारात्मक शक्तियों और तंत्र-मंत्र के प्रभाव से बच सकें।

तो ये थे होली के अचूक टोटके , आप भी आज़मा सकते हैं

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