महाशिवरात्रि: भगवान शिव के पूजन में इन 4 चीजों का करें प्रयोग, शिव की कृपा से चमक उठेंगी किस्मत

महाशिवरात्रि भगवान शिव का मुख्य त्यौहार है और पूरे देश में यह धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है और भक्तजन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं तथा शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह हुआ था। महाशिवरात्रि का यह पर्व फाल्गुन मांस की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार बहुत से लोगों को इस बात को लेकर संदेह है कि महाशिवरात्रि 13 फरवरी को है या 14 फरवरी को। आपको बता दें कि इस बार महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 13 फरवरी की आधी रात से शुरु होगा और 14 फरवरी तक रहेगा। महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई अर्पित करते हैं। आज हम आपको चार ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो भगवान शिव को अतिप्रिय है ( शिव पूजा के उपाय ) और महाशिवरात्रि पर पूजन के समय उनका प्रयोग करने से भोलेनाथ बहुत प्रसन्न होते हैं।

महाशिवरात्रि :  शिव पूजा के उपाय

बिल्व पत्र : भगवान शिव के पूजन और अभिषेक में बिल्वपत्र का बहुत महत्व होता है। बिल्व पत्र भगवान शिव को अतिप्रिय होता है। इस का जिक्र शिवपुराण में भी मिलता हैं शिवपुराण में कहा गया है कि यदि पूजन में अन्य कोई वस्तु उपलब्ध न हो तो बिल्वपत्र ही समर्पित कर देने चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और कभी भी पैसों की समस्या नहीं रहती। इसके अलावा व्यक्ति को हर तरह की सिद्धि प्राप्त होती है और कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है।

भांग : भांग भले ही एक विषैला पदार्थ हैं लेकिन भगवान शिव के पूजन में भांग का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। पौराणिक कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण कर लिया था तो उनका गंठ नीला पड़ गया था और भोलेनाथ अचेत हो गए थे ऐसी स्थिति में देवताओं के सामने भगवान शिव को होश में लाना एक बड़ी चुनौती बन गई, तब सभी देवताओं ने भगवान शिव का उपचार करने के लिए कई तरह की जड़ीबूटियां दी थी जिनमें से भांग भी एक थी। यहीं कारण है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को भांग को पीसकर दूध या जल में घोलकर शिवलिंग पर चढ़ाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान को भांग चढ़ाने से बहुत प्रसन्न होते हैं और हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।

धतूरा : महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव को खुश करने के लिए शिवलिंग पर धतूरा भी अर्पित किया जाता है। महाशवरात्रि पर भी धतूरे की खास मांग रहती है आपको बता दें कि धतूरे को भगवान शिव का पसंदीदा माना जाता है और कहा जाता है कि भगवान शिव को धतूरा अर्पित करने से राहु से संबंधित दोष जैसे कालसर्प, पितृदोष दूर हो जाते हैं और जो भी भक्त शिव जी को भांग धतूरा अर्पित करता है, शिव जी उस पर प्रसन्न होते हैं और वह भगवान भोले नाथ का प्रिय भक्त हो जाता है।

गंगाजल : भगवान शिव की जटाओं में गंगा जी विराजमान मानी जाती हैं। जिसके कारण भगवान शिव के लिए गंगाजल का विशेष महत्व हैं। भारत में गंगाजल को बहुत ही पवित्र माना जाता है। किसी वस्तु या इंसान की शुद्धि करने के लिए भी गंगाजल का प्रयोग किया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने का विशेष महत्व है। गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने पर चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करने से भोलेनाथ बहुत खुश होते हैं और अपने भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।

महाशिव रात्रि पर शिव पूजा के उपाय को करेंगे तो जीवन ज़रूर मंगल होगा