रक्षामंत्री की केंद्र सरकार से मांग, कहा ‘शहीदों के बच्चों की एजुकेशन फीस की जाए माफ’

देश:  रक्षामंत्री सीतरमण ने केंद्र सरकार को पत्र लिखते हुए कहा कि शहीदों के बच्चो की एजुकेशन फीस माफ की जाए। दरअसल, पहले सरकार शहीदों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा ध्यान रखती थी, लेकिन पिछले साल इसमें एक सीमा तय कर दी गई, जिसके बाद से सुरक्षाबल सरकार से नाराज दिखाई दे रहे थे, जिसकी वजह रक्षामंत्री ने केंद्र सरकार से एक बार फिर से पुरानी योजना को शुरू करने की मांग की है। आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

देश की रक्षामंत्री सीतारमण ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह जवान जो देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गये हैं, उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस माफ की जाए, ताकि देश शहीदों के बच्चों की मदद कर सके। इसके अलावा उनके बच्चे भी अच्छी से अच्छी शिक्षा मिले ताकि वो देश का नाम रोशन कर सके।

रक्षामंत्री सीतारमण का विरोध उनकी ही पार्टी के सांसदो ने शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से उनकी मुश्किले और भी बढ़ सकती है। याद दिला दें कि  पिछले साल से ही शहीदों के बच्चों की एजुकेशन फीस निर्धारित करके 10,000 किया गया था, जिसको लेकर सेना के तीनों विंगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। बताते चले कि निर्धारित फीस का विरोध पिछले साल से ही जारी है।

सरकार ने इस मुद्दे पर अपना रूख पहले ही साफ कर रखा है कि शहीदों के बच्चों को सिर्फ 10,000 ही रूपये मदद के तौर पर दिये जाएंगे। ऐसे में रक्षामंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वो आखिर कैसे सरकार को अपनी मांग के लिए राजी कराती है, ताकि शहीदों के बच्चों को सरकार की तरफ से पूरी मदद की जा सके।

गौरतलब है कि सन् 1972 में लागू की गई योजना के अनुसार शहीदों या जंग लड़ते हुए अपंग या शहीद हुए जवानों के बच्चों का स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने पिछले जुलाई इस रकम को कम करते हुए प्रतिमाह सिर्फ 10,000 शुल्क देने का तय किया था, जिसके बाद से ही विरोध जारी है। बहरहाल, देखना ये होगा कि क्या सरकार रक्षामंत्र की मांग पर विचार करेगी या नहीं?

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