
इन महिलाओं से कभी भी रिश्ता ना रखें, शास्त्रों में यह पाप से कम नहीं है!
प्राचीन हिन्दू शास्त्रों में मनुष्य के लिए कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिनका प्रयोग करके वह अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। यदि मनुष्य उन सभी बातों को नहीं मानता है तो मृत्यु के बाद उसे बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ता है। हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि पवित्र पुराण, वेद और शास्त्र केवल मनुष्यों को समझाने और परमात्मा से जुड़ी घटनाओं की बात करने के लिए ही नहीं लिखा गया है बल्कि यह उन्हें अच्छे और बुरे कर्मों की शिक्षा देने के लिए भी लिखा गया है। प्राचीन शास्त्रों में कड़ाई से बताया गया है कि किस प्रकार की विपरीत लिंग के साथ यौन सम्बन्ध बनाया जाना चाहिए। शास्त्रों में कुछ तरह की महिलाओं के बारे में बताया गया है जिनसे कभी भी सम्बन्ध नहीं रखना चाहिए वरना इंसान पाप का भागी बनता है। शास्त्रों में यह भी कहा है कि चाहे कोई भी परिस्थिति आ जाये मनुष्य को उन महिलाओं के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए (never make sexual relations with these 19 types of women)। आइये जानते हैं वह कौन सि महिला है जिनके साथ सम्बन्ध बनने से शास्त्रों में मन किया गया है।
1- एक पुरुष को यह निर्देश दिया गया है कि एक कुंवारी महिला के साथ शादी से पहले उसकी मर्जी से या जबरदस्ती यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। अगर कोई पुरुष इस तरह का काम कर दे तो उसे उस महिला से शादी जरुर करनी चाहिए।

2- किसी भी पुरुष को किसी भी हालत में ऐसी किसी भी महिला से सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए जिसका पति मर गया हो, जब तक कि उससे पुनर्विवाह ना कर लिया जाये। विधवा के साथ यौन सम्बन्ध बनाने को शास्त्रों में बहुत बड़ा पाप कहा गया है।

3- एक पुरुष को किसी भी ऐसी महिला के साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए जिसने स्वयं ब्रह्मचर्य धारण किया हो। पुरुष को ऐसी महिला पर शादी का दबाव या सम्बन्ध बनाने का दबाव नहीं बनाना चाहिए। अगर वह महिला अपनी मर्जी से अपना ब्रम्हचर्य तोडती है तभी उसके साथ सम्बन्ध बनाया जाना चाहिए ना कि जबरदस्ती।

4- मनुष्य को शास्त्रों में इसके लिए भी चेतावनी दी गयी है कि उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं अगर वह अपने दोस्त की पत्नी के साथ उसकी मर्जी से या जबरदस्ती यौन सम्बन्ध बनाने की कोशिश करता है। इसके लिए उसे मृत्यु के बाद के जीवन में बहुत यातनाएं झेलनी पड़ सकती हैं।

5- कोई पुरुष कितना भी बहादुर क्यों न हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। एक पुरुष को अपने शत्रु की पत्नी के साथ किसी भी परिस्थिति में यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। यह शास्त्रों की नजर में दुर्लभ पापों में से एक है।
6- एक पुरुष को किसी भी हालत में अपने शिष्य या अपने से छोटे व्यक्ति की पत्नी या उसकी प्रेमिका से यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए यह भी एक बहुत बड़ा पाप है।
7- एक हिन्दू परिवार में जन्मे पुरुष को किसी भी ऐसी महिला के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए जो उसके परिवार से ताल्लुक रखती हो। ख़ास तौर पर खून के रिश्तों वाली स्त्री के साथ यौन सम्बन्ध नहीं रखना चाहिए, यह अक्षम्य पाप होता है।
8- शास्त्रों में किसी भी ऐसी स्त्री से यौन सम्बन्ध रखने से मन किया गया है जो फायदे के लिए या पैसे लेकर आपको भौतिक सुख देती है। ऐसी स्त्रियों की एक पुरुष को इज्जत करनी चाहिए और उसकी रक्षा करनी चाहिए।

9- किसी भी ऐसी स्त्री जो अपने होस में नहीं है उसका फायदा उठाते हुए उसके साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। इसके लिए शास्त्रों में कहा गया है की यह एक अक्षम्य पाप है। इससे मनुष्य को बहुत बड़ी सजा मिलती है।
10- एक पुरुष को अपने उम्र से बड़ी महिला को यौन सम्बन्ध बनाने के लिए उसपर जोर नहीं देना चाहिए यह बहुत बड़ा पाप होता है।

11- गुरु को शास्त्रों में भगवान के सामान माना गया है। किसी भी पुरुष को भूलकर भी अपने गुरु की पत्नी के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए चाहे कुछ भी हो जाये। अगर पुरुष ऐसा काम करता है तो नरक की अग्नि में जलना होता है।
12- किसी भी पुरुष को किसी भी परिस्थिति में अपनी सास के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए, ऐसा माना जाता है कि सास भी अपनी माँ के सामान होती है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो इसका मतलब वह अपनी माँ के साथ कर रहा है। जो दुनियाँ के हर पाप से बढ़कर होता है।
13- किसी बी पुरुष को अपनी माँ की बहन यानि अपनी मौसी के साथ किसी भी परिस्थिति में यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में इसे भी बहुत बड़ा पाप माना गया है। मौसी भी माँ के सामान ही होती है।

14- एक पुरुष को किसी भी परिस्थिति में अपनी मामी के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में इसे अक्षम्य पाप कहा गया है, क्योंकि मामी भी अपनी माँ के समान ही होती है।
15- एक पुरुष को किसी भी सूरत में अपनी स्वयं की बहन या चचेरी बहनों के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में यह बहुत बड़ा पाप कहा गया है।

16- एक पुरुष को अपनी चाची के ऊपर भी बुरी नजर नहीं रखनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनके साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। यह भी एक अक्षम्य पाप है।

17- एक पुरुष को किसी भी हालत में एक गर्भवती महिला के साथ यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए और उसे इसके लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। अगर पुरुष ऐसा करता है तो शास्त्रों में इसके लिए बहुत बड़ी सजा है।
18- एक पुरुष को किसी भी अपरिचित महिला के साथ किसी भी सूरत में यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए।
19- एक ऐसी महिला जो आपराधिक मामलों से जुडी हुई हो उसके साथ पुरुष को यौन सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए और उसे भूल जाना चाहिए।