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देश के असली दुश्मनों पर जासूसी की दुनिया के रियल जेम्स बॉन्ड अजीत डोभाल ने खोंले राज, देखें विडियों

NSA अजीत डोवाल भारत के इकलौते ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जिन्हें कीर्ति चक्र और शांतिकाल में मिलने वाले गैलेंट्री अवार्ड से नवाजा जा चुका है। हाल के पठानकोट ऑपरेशन को सफल बनाने में उनका रोल अहम है। 1980 के बाद से वह कई सिक्युरिटी कैंपेन का हिस्सा रहे। अपनी हिम्मत और जज्बे के बूते डोभाल ने जासूसी की दुनिया में कई ऐसी मिसालें कायम कीं, जिसने उन्हें दुनिया रियल जेम्स बॉन्ड बना दिया। (Real James Bond)

डोवाल भारत के ऐसे एकमात्र नागरिक हैं जिन्हें शांतिकाल में दिया जाने वाले दूसरे सबसे बड़े पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यहां हम बात कर रहे हैं केरल कैडर के 1968 बैच के आईपीएस अजीत डाभोल की जो 1972 में भारतीय खुफिया एजेंसी आईबी से जुड़े। मूलत: उत्‍तराखंड के पौडी गढ़वाल से आने वाले अजीत डोभाल ने अजमेर मिलिट्री स्‍कूल से पढ़ाई की है और आगरा विवि से अर्थशास्‍त्र में एमएम किया है।

अजीत डोवाल को विवेकानंद फाउंडेशन को राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के थिंक टैंक के तौर पर जाना जाता है। जासूसी की दुनिया में 37 साल का तजुर्बा रखने वाले डोभाल 31 मई, 2014 को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।

अगर इतिहास उठाकर देखे तो पता लगता है, भारत पर ना जाने कितने ही शासकों ने आक्रमण किया है। और हर बार भारतीय रणबाकुरों ने उसका जवाब बड़ी बहादुरी से दिया है। परन्तु एक कड़वा सच यह भी है जो सबको पता है ना जाने कितनी बार इस देश की मिट्टी ने अपने लालों को पुकारा है वो साथ नही दे पाएं। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि शायद हम या हममें से कुछ सिर्फ बातों के शेर बन कर रह गए है परंतु जहाँ कुछ करने कि बारी आती है वहां हौसले ठंडे हो जाते है।

देखिये अजित डोभाल (Real James Bond) जी का यह वीडियो,

अजित डोभाल जी का यह वीडियो, जिसमें वे किसी नेता के भाषण कि तरह नहीं बल्कि एक सिपाही की तरह देश के आंतरिक खतरों पर बोले –   

https://youtu.be/HsrPrdlNeu0

दिल को छू जाने वाले अपने इस व्यक्तव्य में अजित डोभाल ने साफ़ लब्जो में कहा “बाहरी ताक़तों से हम आसानी से लड़ लेगे, परन्तु जो देश में चल रहा है उस से कौन और कैसे निपटा जाये”।

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