ताजमहल को लेकर योगी का नया फरमान,इस बार ‘राम नाम’ से गूंज उठेगा ताज महोत्सव

उत्तर प्रदेश: पिछले साल ताजमहल को लेकर बड़ा विवाद देखने को मिला था। जी हां, यूपी की सियासत ताज पर गरमा गई थी। आलम ये हो गया था कि सीएम योगी को ताज दीदार के लिए जाना पड़ा था, जिसके बाद मामला थोड़ा शांत हुआ था। हर साल की तरह इस बार फरवरी में ताज महोत्सव होने वाला है, लेकिन इस बार का ताज महोत्सव हर बार से हटके होगा, क्योंकि ये परंपरागत से हट के होगा। तो आइये जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में खास क्या है?

सूबे में सत्ता में आने के बाद से ही योगी सरकार इमारतों का भगवाकरण करा रही है, ऐसे में सरकार अपने एजेंडे की छाप ताजमहल पर भी छोड़ती हुई दिखाई दे रही है, यही कारण है कि इस बार ताज महोत्सव की थीम बदल दी गई है। बताते चलें कि ये योगी सरकार का पहला ताज महोत्सव है, जिसमें सरकार ने बदलाव किया है। इस बार का ताज महोत्सव भगवान राम के नाम पर आयोजित किया जाएगा।

दशकों से ताज महोत्सव में मुगलों की झलक दिखाई देती थी, लेकिन इस बार मुगलों के बजाय भगवान राम की झलक दिखाई देगी। बता दें कि सूबे की कमान सीएम योगी के हाथों में है, ऐसे में इस बार मुगलियां नहीं राम पर आधारित नृत्य नाटिका से ताज महोत्सव की शुरूआत होगी। बताते चलेंं कि ताज महोत्सव 12 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलेगा।

सूबे में योगी सरकार के आने के बाद ही ताजमहल पर भारी विवाद देखने को मिला था। जी हां, विवाद की वजह यूपी के पर्यटन बुक से ताजमहल का नाम हटाना था, लेकिन इसके बाद बीजेपी विधायक विवादित बयान देकर इस विवाद को और भी बढ़ा दिया था। जी हां, सूबे की शांति को बनाये रखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को ही ताज दीदार के लिए जाना पड़ा था, जिसके बाद कही जाकर ये विवाद थमने का नाम लिया था।

बहरहाल, देखना ये होगा कि सीएम योगी के इस फैसले पर कहीं सूबे की सियासत फिर से न चमक जाए, ये तो खैर वक्त ही बताएगा। लेकिन बता दें कि ताज महोत्सव में देश-विदेश के लोग आते हैं, जो ताज दीदार कर आनंद महसूस करते हैं।

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