जेटली ने दिया नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका, पढ़िये इस बार के बजट में क्या है खास

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री जेटली के बजट पर पूरे देश की निगाहेंं हैं, ऐसे में जेटली के लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि वो सभी वर्गोंं के लोगों को खुश कर पाएं। जहां एक तरफ जेटली ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा ऐलान किया तो वहीं जेटली एक ऐलान से नौकरीपेशा लोग नाखुश हो गये। दरअसल, इस बजट में उम्मीद जताई जा रही थी कि टैक्स दर में बदलाव किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहींं हुआ, जिससे नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका लग गया है। आइये जानते हैं कि आखिर जेटली के पोटली में इस बार क्या खास है?

बता दें कि सत्ताधारी पार्टी जेटली के इस बजट से बहुत खुश नजर आ रही है। इस बार के बजट में ग्रामीण विकास पर बखूबी ध्यान दिया गया  है, हालांकि जेटली ने शुरूआत में ही साफ कर दिया था कि इस बार के बजट में गांव है, इसलिए गांव पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। जेटली ने ग्रामीण विकास के लिए कई ऐलान किया, जिसमें उज्जवला से लेकर सौभाग्य योजना की झलक देखने को मिली।

स्वास्थ्य बजट

 

जेटली के बजट में इस बार देश के स्वास्थय पर बखूबी ध्यान देखने को मिला। बता दें कि 50 करोड़ लोगों के इलाज का खर्च उठाएगी, जिसके तहत एक परिवार को 1 साल में 5 लाख का मेडिकल खर्च दिया जाएगा, इसके अलावा टीबी मरीजों के लिए 600 करोड़ की स्कीम लाई जाएगी, जिसके तहत हर टीबी मरीज को हर महीने 500 रूपये की मदद की जाएगी। स्वास्थय बजट में ये भी है कि देश की 40 प्रतिशत आबादी को सरकारी हेल्थ बीमा दिया जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा और स्वास्थ्य नींव को मजबूत करने के लिए 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

रोजगार और शिक्षा का बजट

रोजगार के मुद्दे पर घिरी मोदी सरकार के इस बजट में 70 लाख नौकरियां देने का बड़ा ऐलान भी किया गया है। बता दें कि रोजगार के अलावा जेटली ने शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की बात इस बजट के दौरान की है। शिक्षा पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा है कि शिक्षा में सुधार के लिए अगले 4 साल में 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, इस दौरान आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे, जिससे कोई भी समुदाय शिक्षा से अछूता न रहे। स्कूली शिक्षा में सुधार की बात करते हुए जेटली ने कहा कि प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट के लिए भी 2 नए स्कूल खोले जाएंगे, जिसके तहत शिक्षा को और भी मजबूत करने का दावा करते दिखे अरूण जेटली। बजट के दौरान शिक्षा को लेकर एक नई स्कीम पर बात करते हुए जेटली ने कहा कि बीटेक छात्रों के लिए पीएम रिसर्च फेलो प्लान लॉन्च की गई है, जिसके तहत हर साल 1000 छात्रों को फायदा मिलेगा।

किसानों और ग्रामीणों का बजट

बजट में किसानो का खास ध्यान रखते हुए किसानों को 11 लाख करोड़ कर्ज देने की बात कही गई है। इस दौरान जेटली ने अपने पुराने वादे को दोहराते हुए कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी होगी। जेटली ने आगे कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही कीमत दिलाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत कृषि मंडी व्यवस्था में सुधार के लिए 2,000 करोड़ रुपये के कोष की व्यवस्था की गई है। बता दें कि जेटली ने इस दौरान ग्रामीण और गरीब लोगों को घर देने की भी बात कही। बताते चलें कि जेटली ने शौचालय बनवाने की भी बात कही। जेटली ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ आवास का निर्माण किया जाएगा।

नौकरीपेशा लोगों के उम्मीदों पर नहीं खरे उतरे जेटली 

बजट में टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि अगर आपकी सैलेरी सलाना 2.5 लाख से ज्यादा है तो आपको 5% टैक्स देना होगा, इसके अलावा अधिकतम 10 लाख से ज्यादा पर आपको 30% टैक्स भरना होगा। इस बजट में लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि टैक्स स्लैब को कम किया जाएगा, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।

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