राजनीति

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अब रात को भी कर रही हैं महिला जवान गस्त,पाकिस्तानी सेना की अब खैर नहीं

जोधपुर: देश की महिलाओं को किसी से कम समझने की जरुरत नहीं है। इस देश में महिलाओं ने हर समय पुरुषों के कन्धों से कन्धा मिलाकर हर क्षेत्र में उनका साथ दिया है। महिलाओं ने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीँ आज कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आज भी महिलाओं को पुरुषों से कम ही समझते हैं। उन लोगों को समझने की जरुरत है कि आज महिलाओं ने कई क्षेत्रों में पुरुषों को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।


जहाँ-जहाँ पहले महिलाओं को जानें से रोका जाता था, आज वहां महिलाएं जा भी रही हैं और बेहतर भी कर रही हैं। अब वो समय बीत गया जब महिलाएं बाहर ना जाएँ। भारत का इतिहास उठाकर देखें तो पता चलता है कि यहाँ की महिलाओं ने युद्ध के मैदान में भी पुरुषों का साथ दिया है। ऐसे में भारतीय महिलाएं पाकिस्तानी सेना से कैसे पीछे रह रह सकती हैं। जी हाँ अब भारतीय महिलाएं पाकिस्तानी सेना से भी टक्कर लेने के लिए तैयार हो गयी है।


आप तो जानते ही हैं कि पाकिस्तान सरकार की गलत नीतियों की वजह से सीमा पर आये दिन तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है। पाकिस्तानी सेना कोई ना कोई ऐसा काम जरुर कर दे रही है, जिससे सीमा की शांति भंग हो जा रही है। पिछले एक साल में पाकिस्तानी सेना ना ना जानें कितनी बार सीमा पर सीज फायर का उलंघन किया है। पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना को नुक्सान पहुँचाने की हर कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहा।


हाल ही में आई एक फोटो ने यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तानी सेना से टक्कर लेने के लिए पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ी हैं। दरअसल कड़कड़ाती ठंढा में धुंध के बीच महिला जवानो को तारबंदी गस्त पर तैनात किया गया है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि बीएसएफ़ ने यह बदलाव पुरे राजस्थान में किया है। आपको बता दें पहले रात के समय पहले बॉर्डर पर केवल पुरुष सैनिकों की ड्यूटी ही लगाई जाती थी।

लेकिन अब बीएसएफ ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। इसी से देश की महिलाओं की शक्ति का पता चलता है। पहले महिला जवानों की ड्यूटी केवल दिन में ही लगाई जाती थी, लेकिन अब महिला जवानों को रात में तारबंदी बॉर्डर पर भी ड्यूटी करनी होगी। सबसे पहले यह प्रयोग बाड़मेर सीमा पर शुरू किया गया था। सफलता मिलने के बाद इसे अब पूरे राजस्थान में लागू किया जा रहा है। महिला जवान घडसाना की सरोज, छिंदवाडा की रजनी और सीकर के पलसाना की पिंकी रात की ड्यूटी से बहुत खुश हैं।

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