रास्ते पर प्लास्टिक के टब में पड़ी थी 7 माह की बच्ची, देख कर सबकी आंखें नम हो गई

लुधियाना: समय के साथ साथ दुनिया भी बदल रही है और इस बदलाव का असर भारत पर पड़ता हुआ साफ़ नज़र आ रहा है. अब पहले की तरह लोग अनपढ़ नहीं रहे. आज की युवा पीढ़ी पढाई के मामले में काफी आगे है. इतना ही नहीं बल्कि, पढाई के चलते ही लोग आज चाँद पर पहुँच पा रहे हैं. समाज में इतने बदलाव आने के कारण भी एक चीज़ कभी नहीं बदली और वह है औरतों की समाज में दशा. हालाँकि, आज के इस नए दौर में लडकियाँ लड़कों से भी अधिक होशियार हैं और उनके साथ कदम से कदम मिला कर चल रही हैं. लेकिन फिर भी लड़कियों को समाज में लडको जितना ऊँचा मुकाम नहीं मिल पाता. लडकियाँ हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य बन सकती हैं. परंतु, इन सब के बावजूद भी लोग लड़कियों के प्रति अपनी सोच बदलने को राज़ी नहीं हो रहे. अगर भारत देश की बात करें तो आज भी यहाँ लडकियों को लड़कों के मुकाबले बोझ माना जाता है, आए दिन लड़कियों के साथ हुई अनहोनी की खबरें अखबारों की सुर्ख़ियों में बनी ही रहती हैं.

इतने बदलाव के बाद भी बहुत से लोग बेटी को जन्म देने से कन्नी कतराते हैं हालांकि, भारतीय सरकार ने प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ चेक करवाने पर बैन लगा दिया है. लेकिन, फिर भी चोरी छिपे लोग गर्भ टेस्ट करवा रहे हैं और अगर भूल से भी उन्हें कोख में लड़की होने का पता चल जाये तो वह इंसान से हैवान बनने में ज्यादा देर नहीं लगाते.

एक बार फिर से इंसानियत को शर्मिंदा करने वाला शर्मनाक काण्ड हमारे सामने आया है. जहाँ, बीते दिन पंजाब के लुधियाना जिले रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित नए ओवर ब्रिज के निकट एक बच्ची का विकसित भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई. दरअसल, यहाँ किसी हैवान माँ प ने मात्र 7 माह की बच्ची का भ्रूण निकाल कर रास्ते में प्लास्टिक के टब में फेंक दिया. जिसको रास्ते से गुजरते लोगों ने देखा तो उनकी आँखें नम हो गई.

वहीँ एस. एच. ओ. इंदरजीत सिंह ने बताया कि उन्हें किसी राहगीर का फ़ोन आया था. जिसमे उसने बताया कि उसे रास्ते में एक प्लास्टिक के टब में छोटी सी बच्ची का भ्रूण मिला है. जिसके बाद पुलिस मौके पर वहां पहुँच गई. जब वहां पुलिस ने छान बीन की तो उन्हें रेलवे यार्ड में नए बने ओवर ब्रिज (पुराने लक्कड़ पुल के) निकट सुनसान रास्ते पर पड़े कूड़े के ढेर पर एक प्लास्टिक के डिब्बे में उस मासूम का शव मिला.

वहीँ इस बात की सूचना  ए.एस.आई. मलकीत सिंह को दी गई. उन्होंने बच्ची को शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. मलकीत सिंह ने ब्ग्ताया कि उन्हें शक है कि उस बच्ची को किसी ने पुल के उपर से नीचे फेंका था. मलकीत सिंह के अनुसार बच्ची का भ्रूण फिलहाल 7 महीने का था. बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर से बेटियों  का सिर शर्मिंदगी से झुका दिया है. ना जाने कब तक मासूमों को यूँ ही बे मौत मरना पड़ेगा.

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