देश-दुनिया तेजी से तरक्की कर रही है पर आज भी ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास चरम पर है। कई गावों में सालों से चली आ रही मान्यताओं का पालन आज भी बिना सोच समझे लोग कर रहे हैं। ऐसी ही अंधविश्वास की पराकाष्ठा हाल ही में झारखण्ड के एक गांव में देखने को मिली है जहां एक चार साल के बच्चे की शादी कुतिया से कराई गई। जी हां, हमको और आपको सुनने में ये अजीब लग सकता है पर जिस गांव से ये खबर आ रही हैं वहां रस्म के नाम पर अक्सर ऐसा होता रहता है।

ये मामला झारखण्ड के पोटका के मोहलडीहा गांव का है जहां रस्म के नाम पर सोमवार को एक 4 साल के बच्चे अनिल की शादी कुतिया से कराई गई। यही नहीं इस शादी में बकाएदे सभी गांव वाले बाराती बने और शादी की सारी रस्म अदायगी उस बच्चे की मां ने ही कराई। इस शादी के बारे में अनिल की मां सरस्वती सरदार का कहना है कि उसके बच्चे की तबीयत अक्सर खराब रहती है ऐसे में गांव वालों ने उसे सलाह दिया कि किसी कुतिया से अनिल की शादी करा दी जाए तो वह स्वस्थ रहेगा।यही वजह है कि अनिल की शादी कुतिया से कराई गई।

वैसे ये झारखण्ड का पहला मामला नही है जब ऐसा कुछ हुआ है.. यहां बच्चों की सलामती के लिए हमेशा से अजीब-अजीब रस्में निभाई जातीं हैं। असल में यहां बच्चों की शादी जानवरों से इसलिए कराई जाती है ताकि उनका अपशकुन कट जाए और उनको लंबी जिंदगी मिले। इसके साथ ही यहां ये मान्यता भी चली आ रही है कि एक अगर 10 वें महीने में बच्चे के ऊपरी मसूड़े में पहला दांत आए तो इसका कि उस बच्चे के ऊपर अशुभ ग्रहों का प्रभाव है और इस दोष को दूर करने के लिए बच्चा का दूसरा दांत आने से पहले उसकी सांकेतिक शादी कुत्ते या कुतिया से करा दी जाती है।

इस बच्चे के साथ भी ऐसा ही था.. ऐसे में उसके परिवार वालों ने गांव में चली आ रही मान्यता का पालन करते हुए उसके विवाह की ठानी और उसके लिए शादी का शुभ दिन देखा गया। आखान जात्रा के दिन यहां शुभ कार्य संपन्न होते हैं ऐसे में उन्होंने इसी दिन को चुना। सोमवार को ये शादी की रस्म रिवाज के साथ की गई.. गांव के चौराहे पर सभी ग्रामीण महिलाएं इकठ्ठा हुईं। सबकी उपस्थिति में उनके बेटे ने वरमाला पहना। और कुतिया को सिंदूर लगाया और इस तरह ये शादी की सारी रस्म पूरी हुई।

वैसे ये शादी अब खबरों की सुर्खिया बन चुकी है.. गौरतलब है कुछ साल पहले भी झारखंड में अंधविश्वास के चलते हुई एक शादी चर्चा में आई थी, तब 18 साल की एक लड़की का विवाह कुत्ते से कराया गया था। दरअसल तभी गांव के एक बाबा ने बताया था कि उस लड़की पर प्रेत आत्माओं का साया है और लड़की के चलते उसके परिवार के साथ पूरे गांव पर साए का खतरा है। ऐसे में परिवार और गांव को बचाने के लिए उस लड़की की शादी कुत्ते से कराई गई थी।

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