दलाल के जरिये की थी शादी, 48 दिन बाद मौका देख भाग निकली लड़की, कहा ‘साथ नहीं रहूंगी क्यों की ..’

गुढ़ागौड़जी(राजस्थान): भारत जैसे देश में पति और पत्नी का रिश्ता सबसे अहम माना जाता है. क्यूंकि, यहाँ के लोग उम्र भर साथ निभाने का सोच कर ही किसी रिश्ते में खुद को बांधते हैं. परंतु, शादी के साथ फेरों के बाद भी अगर कोई पत्नी अपने वादों से मुकर जाए तो? कुछ ऐसा ही अजीबो गरीब मामला हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ, कर्मजीत कौर नामक औरत की शादी कुछ समय पहले ही राजस्थान के विनोद सैनी से हुई थी. मगर हाल ही में वह अपने पति को उसका मंगलसूत्र एवं सुहाग की चूड़ियाँ सौंप कर वापिस पंजाब लौट आई. जानकारी के अनुसार दोनों की शादी दलाल के जरिये हुई थी. फिलहाल दोनों दलाल पुलिस की गिरफ्त में हैं. लेकिन कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया. जिसके बाद दलालों ने पूरा रुपया कर्मजीत को वापिस लौटाने की हामी भर दी. बहरहाल, चलिए जानते है आखिर ये पूरा मामला क्या था…

दरअसल, ये पूरा मामला उबला के बालाजी का है. जहाँ बीते सोमवार को काफी हंगामा हुआ. जानकारी के अनुसार यहाँ रुपए की एवज में शादी करके आई दुल्हन करमजीत के बाद उसकी मां जसमेर कौर पुलिस के सामने आ गई. वहीँ अपनी माँ के सामने ही कर्मजीत ने अपने पति के सुहाग की निशानियाँ यानि मंगलसूत्र और सुहाग की चूड़ी उतार कर पति विनोद को पकड़ा दी. साथ ही उसने विनोद को कहा कि वह अब उसके  नहीं रह सकती और माँ के साथ पंजाब वापिस लौट गई.

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने बताया कि उन्होंने बाबूलाल सैनी व मरोत बगड़ के अनिल शर्मा को बड़ागांव से पकड़ लिया है. ये दोनों दलाल ही  कर्मजीत और विनोद की शादी के जिम्मेदार थे. दलालों ने इस शादी के लिए विनोद और करमजीत से 1.15 लाख रूपये वसूल किये थे. फिलहाल कोर्ट के फैसले के अनुसार अब दोनों मिलकर 70 हजार रूपये की रकम उन्हें वापिस लौटाने वाले हैं. थाना अध्यक्ष ने ब्ग्ताया कि दलालों ने मौके पर ही विनोद को 10 हजार रूपये थमा . जबकि, बाबूलाल के पुत्र ने विनोद को बाकी 60 हजार रूपये का चेक दे दिया है साथ ही एग्रीमेंट भी सिग्नेचर कर दिया है.

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि  राजस्थान के झुंझुनूं के पास बड़ा गांव के नाडी वाली ढाणी का निवासी विनोद सैनी शादी करना चाहता था. जिसके लिए बाबूलाल और अनिल ने उससे 1.30 लाख रूपये की मांग की. जब विनोद ने उन्हें 1.15 लाख रूपये दे दिए तो उन्होंने  24 नवंबर 2017 को पंजाब के बठिंडा के फूला गांव की करमजीत कौर पुत्री बलदेव जटसिख के घर करवा दी. शादी के कुछ समय तक दोनों काफी खुश थे. लेकिन, एक दिन जब विनोद ने कर्मजीत को बाल्टी भर कर लाने को कहा तो वह वापिस नहीं लौटी.

जिसके बाद उसने अपनी पत्नी की तलाश शुरू कर दी. आखिरकार एक दिन विनोद को कर्मजीत कौर बाबूलाल सैनी के घर मिली. वहां, उसने उसको वापिस ले जाना चाहा तो कर्मजीत ने साफ़ इनकार कर दिया. जब विनोद ने पुलिस की मदद ली तो सच्चाई जानकर विनोद के होश उड़ गये. कर्मजीत ने बताया कि उसको 45 दिन तक विनोद के साथ रहने को कहा गया था. इसके इलावा पैसो के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं दी गई. 48 दिन बाद वह मौका देख कर वहां से भाग निकली.

विनोद के साह शादी करके राजस्थान आई कर्मजीत कौर ने उसके साथ रहने से साफ़ इनकार कर दिया. जानकरी के अनुसार कर्मजीत की माँ जसमेर ने उसको काफी समझाया लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी. वह बार बार एक ही बात दोहरा रही थी कि “मैं विनोद के साथ नहीं रहूंगी”. जिसके बाद उसने अपना मंगलसूत्र और चूड़ी उतार कर विनोद को वापिस दे दी और खुद पंजाब लौट गई.