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सर्जिकल अटैक से डरे आतंकियों के आकाओं को पाक ने दी यह नसीहत

नई दिल्ली: उरी हमले का पाकिस्तान से भारत ने बदला लिया है। पीओके में 28-29 सितंबर की रात 4 घंटे तक चले ऑपरेशन में भारतीय जवानों ने 4 घंटे में 40 आतंकियों को मार गिराया। सर्जिकल अटैक के बाद पाकिस्तान सरकार भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। Surgical militants attack,

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लश्कर चीफ हाफिज सईद और जैश चीफ मसूद अजहर को फिलहाल चुप रहने को कहा गया। पाक सेना ने खासतौर पर हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत के खिलाफ कुछ ना कहने और अपनी जुबान बंद रखने की चेतावनी दी है।

नाराजगी दूर करने को मोदी के लिए जरूरी थी ‘कार्रवाई’  (Surgical militants attack)-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता को यह दिखाने की जरूरत थी कि उन्होंने आम चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान जो भी ‘शेखियां’ बघारी थीं, वे यूं ही नहीं थीं और वह उन पर खरे उतर सकते हैं। उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार गुरुवार को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अनुमोदन देकर ऐसा ही किया, जिसमें सात आतंकवादी ‘लांच पैड्स’ को निशाना बनाने की बात कही गई और जिसके बारे में अधिकारियों ने बताया है कि इससे आतंकवादियों को ‘भारी नुकसान’ हुआ। इसके क्या नतीजे होंगे, इस बारे में फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है।

चुनाव प्रचार के समय से ही मोदी अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मजाक बनाते रहे। वह अक्सर आरोप लगाते रहे कि उनके पूर्ववर्ती ने पाकिस्तान की ओर से किए जाने वाले उल्लंघनों (अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर) का जवाब नहीं किया और यदि वह सत्ता में आते हैं तो ‘पाकिस्तान को सबक सिखाने’ के लिए सभी प्रोटोकॉल खत्म कर देंगे। इसी क्रम में उन्होंने ’56 इंच सीने’ की बात भी कही थी।

दक्षिण एशिया में तनाव खतरनाक स्तर तक बढ़ा   (Surgical militants attack)-

भारत ने अपनी घोषणा में कहा है कि उसके अभियान से आतंकवादियों को ‘भारी नुकसान’ हुआ है। सरकार ने भारतीय पक्ष को इस अभियान के दौरान हुए किसी भी नुकसान के बारे में नहीं कहा है। भारतीय सेना ने यह कहते हुए अभियान को उचित ठहराया कि ‘पाकिस्तान से बार-बार अपील की गई कि वह अपनी जमीन को आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न होने दे, पर इस दिशा में कुछ नहीं किया गया।’

भारत की इस घोषणा के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे उस दक्षिण एशिया में तनाव खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है जहां देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग न्यूनतम स्तर पर है? इसमें कोई संदेह नहीं है कि परमाणु संपन्न दोनों पड़ोसी देशों के बीच जो कुछ भी हो रहा है, उससे पूरी दुनिया चिंतित है।

इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तान भी अपनी अवाम को खुश करने के लिए कुछ इसी तरह की कार्रवाई करने के बारे में सोचेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारतीय घोषणा के तुरंत बाद कहा, “शांति की हमारी इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।”

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