अमावस्या की रात किये गए इस एक उपाय से माता लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न, बनाती हैं आपको बहुत धनवान

हर व्यक्ति के जीवन में कुछ ना कुछ आवश्यकताएं होती हैं। हर किसी को मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा कुछ भौतिक वस्तुओं की जरुरत पड़ती है। आज के इस आर्थिक युग में मूलभूत चीजें भी बिना पैसे के संभव नहीं है। ऐसे में भौतिक आवश्यकताओं के बारे में सोचना ही बेकार है। अपनी भौतिक जरूरतों को आज के समय में वही व्यक्ति पूरा कर पाता है, जिसके पास बहुत सारा पैसा होता है। अन्य व्यक्ति तो जीवन भर बस सपने ही देखता रह जाता है।

हर व्यक्ति की यही चाहत होती है कि उसके पास बहुत सारा पैसा हो, जिससे वह अपने मन की सभी जरूरतों को पूरा कर सके। उसका जिस भी चीज को खरीदने का मन करे तुरंत खरीद ले। लेकिन ज्यादातर लोगों का यह सपना, सपना ही रह जाता है। सभी पैसे कमानें के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन सबकी मेहनत रंग नहीं लाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ होता है तो चिंता छोड़ दीजिये। आज अमावस्या है और आज के दिन किया गया सिर्फ एक उपाय आपका पूरा जीवन बदल देगा।

आज के दिन माघ अमावस्या यानी मौनी अमावस्या पड़ रही है। अगर हिन्दू धर्मशास्त्रों की बात मानें तो आज के दिन तीर्थ राज प्रयाग में देवताओं का निवास होता है। यही वजह है कि आज के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इस अमावस्या पर मौन रहकर दान-धर्म करने और स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप कट जाते हैं। इस बार की माघ अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ी है। आज के दिन किये गए इस एक उपाय से माँ लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती हैं।

मौनी अमावस्या को भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है। भौमवती अमावस्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अमवस्या मंगलवार को पड़ रही है। इस दिन मंगल के उपाय करने से मंगल दोष दूर हो जाता है। मंगल दोष दूर करने के लिए मसूर की दाल दान करें। मौनी अमावस्या के बारे में शास्त्रों में कहा गया है कि यह दिन अत्यंत ही ख़ास होता है। इस दिन किसी भी व्यक्ति को मन, कर्म और वचन तीनों से अशुभ सोचना नहीं चाहिए।

इस अमावस्या के दिन अपने मन में ही ॐ नामो भगवते वासुदेवाय या ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। धर्मशास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में अमृत की बूंदे गिरी थी। अगर इन जगहों पर मौनी अमावस्या के दिन स्नान किया जाये तो अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन स्नान करने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार हर व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना चाहिए। मौनी अमावस्या के दिन आप काले तिल का भी दान कर सकते हैं।