मौलाना का सवाल – सैकड़ों दंगे कराने वाले मुलायम यदि मुसलमानों के मसीहा, तो एक दंगे की वजह से मोदी दुश्मन क्यों?

लखनऊ: राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के चेयरमैन मौलाना आमिर रशादी मदनी ने लखनऊ में राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के 16 दलों के “राजनैतिक परिवर्तन” अधिवेशन में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों ने मुस्लिमों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझ रखा है। (Tags: rioting Muslims, Mulayam)

आमिर रशादी ने कहा कि गुजरात में एक दंगा कराने के बाद मोदी मुसलमानों के दुश्मन बन गए। जबकि मुलायम और अखिलेश के राज में 457 बड़े दंगे हुए फिर भी मुलायम मुस्लिमों के मसीहा बने हुए हैं।

भाजपा का डर दिखाकर मुसलमानों को ठगा –

उन्होंने राजनैतिक पार्टियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने सेकुलरिज्म और कम्युनलिज्म के नाम पर सिर्फ मुसलामानों को ठगा है। उन्होंने कहा कि कुछ दल भाजपा के नाम का डर दिखाकर मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सालों से इन पार्टियों ने भाजपा का डर दिखाकर कर मुस्लिमों को ठगने का काम किया है।

रशादी ने आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुसलमानों के सच्चे हमदर्द नहीं हैं। वे सिर्फ उनका इस्तेमाल अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने के लिए करते हैं।

मुसलमान अब सिर्फ वोट बैंक नहीं  –

रशादी ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। अब मुसलमान इनका वोट बैंक नहीं बनेगा। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि अब मुसलमान नहीं रहेगा दरबार में, वह रहेगा अब सरकार में। उन्होंने कहा कि अब हिंदू-मुस्लिम एकता का नारा नहीं “मुस्लिम-हिंदू एकता” का नारा चलेगा।

रशादी ने कहा कि अगर मुसलमान, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत एक हो जाए तो उसे कोई नहीं हरा सकता। यह ऐसा वोट बैंक होगा जो यादवों पर बहुत भारी पड़ेगा।