दुनिया में सबसे प्यारा रिश्ता होता है मां बेटी का. मां बेटी की सबसे अच्छी दोस्त कहलाती हैं. बेटियां वह सब अपनी मां से शेयर करती हैं जो वह अपने दोस्तों से करती हैं. लेकिन थोड़ी बहुत नोंक झोक हर रिश्ते में चलती है. प्यार भरी नोंक-झोक कभी-कभी इस रिश्ते में हो ही जाती है. कई बार माओं की डांट बेटियों को बुरी लग जाती है और वह नाराज़ होकर बैठ जाती हैं. लेकिन वह यह नहीं समझतीं कि गुस्सा इंसान उसी पर करता है जिससे वह प्यार करता है. मां-बाप की डांट को कभी दिल पर नहीं लगाना चाहिए. उन्हें समझना चाहिए कि मां-बाप कभी भी अपने बच्चों का बुरा नहीं चाहते. उनकी यह डांट बच्चों की बेहतरी के लिए होती है. आज हम मां-बेटी की बात कर रहे हैं इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि यदि माएं कुछ बातों को लेकर अपनी बेटियों को डांट भी देती हैं तो बेटियों को बुरा मानने की बजाय उन्हें समझने की कोशिश करनी चाहिए.

काम-काज को लेकर

माओं का नेचर थोड़ा भावुक किस्म होता है. उनका मानना होता है कि बेटियां पराई धन होती हैं. वह बेटियों को घर के सभी कामों में परफेक्ट करना चाहती हैं ताकि आगे जाकर उन्हें कोई तकलीफ न हो.  इसलिए वह चाहती हैं कि बेटियां घर के कामों में उनका हाथ बंटाए. लेकिन बेटियां यह बात समझ नहीं पातीं और अक्सर इस वजह से दोनों में बहस हो जाती है. ज़रूरी है कि बेटियां माओं का भी नजरिया समझें.

तुलना करना

पेरेंट्स की यह आदत होती है कि वह अपने बच्चों की तुलना दूसरों के बच्चों के साथ करने लग जाते हैं. किसी और के साथ तुलना होने पर बच्चे झुंझला जाते हैं. अक्सर माएं भी अपनी बेटियों की तुलना दूसरे की बेटियों से करने लग जाती हैं जिससे उन्हें गुस्सा आ जाता है और बहस शुरू हो जाती है. इसलिए यदि आपकी मां किसी और से आपकी तुलना कर भी देती हैं तो गुस्सा करने की बजाय यह ध्यान में रखिये कि हर मां-बाप की आदत होती है तुलना करने की. इसका बुरा मानकर नहीं बैठना चाहिए.

मोबाइल फ़ोन

आजकल सोशल मीडिया का ज़माना है. लोग फेसबुक और व्हाट्सएप पर हर वक़्त ऑनलाइन रहते हैं. माओं को मोबाइल फ़ोन से सख्त नफ़रत होती है खासकर तब जब वह अपने बच्चों को 24 घंटे इसी में बिज़ी देखती हैं. उनकी इस आदत को देखकर मां रोक-टोक करने लगती हैं जिनसे बेटियों को गुस्सा आने लगता है. बेटियों को हर वक़्त फोन में न लगकर मां के साथ भी थोड़ा समय बीताना चाहिए.

शादी को लेकर

हर मां का यह सपना होता है कि उसकी बेटी की शादी सही समय पर हो जाए. पर लड़कियां आजकल इंडिपेंडेंट हो गयी हैं. वह जल्दी शादी नहीं करना चाहती. फिर इसी बात को लेकर दोनों में कहा-सुनी हो जाती है और मामला बिगड़ने लगता है.

जल्दी उठना

हर पेरेंट्स यह चाहते हैं कि उनके बच्चे सुबह टाइम पर उठें और माओं की तो यह आदत होती है कि सुबह होते ही वह अपने बच्चों को जगाने लग जाती हैं. पर उस समय आप इतनी गहरी नींद में होती हैं कि आपको उन पर गुस्सा आने लगता है. इस वजह से भी मां-बेटी में सुबह-सुबह जंग छिड़ जाती है.

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