ब्रेकिंग न्यूज़

चीनी सैनिक अरुणांचल की सीमा में एक किलोमीटर अन्दर तक बनवा रहे थे सड़क, बाद में सामान छोड़कर भागे

नई दिल्ली: चीन की एक सड़क बनाने वाली टीम भारत के अरुणांचल प्रदेश राज्य के टूटिंग इलाके में लगभग 1 किलोमीटर अन्दर तक घुस आयी थी। भारतीय सेना के दबाव के बाद चीनी टीम वापस लौट गयी है। जानकारी के अनुसार यह घटना 28 दिसंबर 2017 की बताई जा रही है। इस घुसपैठ से पहले 22 दिसंबर को भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने चीनी समकक्ष के साथ 20वें दौर की सीमा वार्ता दिल्ली में की थी। बुधवार को सरकारी सूत्रों से पता चला है कि चीन की सिविलियन टीम ट्रैक अलाइनमेंट के लिए आयी हुई थी।

चीनी टीम के लोग सड़क बनान के कई उपकरण भारतीय सीमा में ही छोड़कर भाग गए हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण ने बताया कि दसक बनाने वाली टीम में कुछ सिविलियन थे तो कुछ वर्दीधारी सैनिक भी थे। 73 दिनों तक चले डोकलाम विवाद के के लगभग चार महीने बाद चीन के फिर से एक बार वही काम किया है। चीन की यह बहुत पुरानी आदत है दुसरे देशों में घुसकर कब्ज़ा करना। भारतीय सीमा निगरानी दल ने चीन की टीम को तूतिंग इलाके में ट्रैक अलाइनमेंट करते पाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चीनी सैनिक सड़क बनवाने का काम कर रहे थे। भारतीय सुरक्षाबल ने उन्हें तूतिंग सबडिविजन बिसिंग गांव के पास ऐसा करते देखा। भारतीय सैनिकों ने चीनी टीम के रोड बनाने के उपकरण सीज कर लिए। एक ग्रामीण ने बताया कि घटनास्थल से लगभग 7-8 किमी के एरियल डिस्टेंस सियांग नदी के किनारे गेलिंग से भी रोड कटिंग साफतौर पर देखी जा सकती है। हाल ही में काटी गई सड़क पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने अपने-अपने टेंट लगा दिए और बोल्डर की दीवार खड़ी कर दी। चीनी दल के भारतीय सीमा में घुसने की सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस जवान को दी।

जवान ने यह जानकारी बिशिंग में तैनात आईटीबीपी की टुकड़ी तक पहुंचाई। जब चीनियों ने पीछे हटने से इनकार किया तब भारतीय सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा। इधर चीन ने कहा कि उसनें कभी भी अरुणांचल प्रदेश का अस्तित्व स्वीकार नहीं किया है। उसनें अपने सैनिकों की घुसपैठ पर भी चुप्पी साध ली है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने अरुणाचल में घुसपैठ की ख़बरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गेंग ने साफतौर पर कहा कि हमने कभी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश का अस्तित्व स्वीकार नहीं किया है। लेकिन आप जिस घुसपैठ की बात कर रहे हैं, हमें उसकी जानकारी नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Close