नई दिल्ली – शादी में शादी के कार्ड मेहमानों को निमंत्रण देने के लिए सबसे अहम होता है। लोग इसे आकर्षक बनाने के लिए तरह तरह के तरीके अपनाते हैं। हर कोई चाहता है कि उसका शादी का कार्ड सबसे अलग और खूबसुरत दिखे। दरअसल, शादी के कार्ड से ही लोगों को किसी की शादी के बारे में पता चलता है और इससे ये भी पता चलता है कि कब शादी है। शादी के कार्ड से लोगों को तारीफ भी मिलती है। लेकिन, हाल ही में ऐसा मामला सामने आया जो बिल्कुल ही अलग था।

हम बात कर रहे हैं एक ऐसे मुस्लिम लड़के कि जिसने अपनी शादी के कार्ड में ऐसा कुछ ऐसा छपवा दिया कि वह इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल, सामाजिक मुद्दों पर जागरुकता फैलाने के लिए जुनैद नाम के इस मुस्लिम लड़के ने अपनी शादी कार्ड में एक ऐसी बात लिखवाई है जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। आपको इस मुस्लिम लड़के ने सामाजिक जागरुकता फैलाने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए अपना शादी कार्ड में रक्तदान, महादान। शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का अब करो जतन। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और बेटियां पढ़ें बेटियां बढ़ें जैसे स्लोगन छपवाकर खुब सुर्खियां बटोरी है।

जुनैद के इस सराहनीय कदम में उनकी होने वाली पत्नी हुमा भी खुब साथ दे रही हैं। आपको बता दें कि जुनैद की उम्र 30 साल है और वो पेशे से वकील है। जुनैद अभी कल्चरल एवं वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष भी हैं। जुनैद इससे पहले भी कई बार लोगों को एकजूद करने के लिए संदेश देने हेतु अपनी टीम के साथ नुक्कड़ व चौराहों पर जागरूकता कार्यक्रम करते चुके हैं। जुनैद कि शादी स्टेशन रोड निवासी हुमा से इसी साल 19 अप्रैल को होनी है। लेकिन, इससे पहले ही अपनी शादी के कार्ड में रक्तदान, महादान। शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का अब करो जतन।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और बेटियां पढ़ें बेटियां बढ़ें जैसे स्लोगन छपवाकर लोगों को जागरुक करने का काम किया है। जुनैद के मुताबिक, उनकी इस पहल से प्रेरित होकर प्रिंटिंग प्रेस के मालिक ने उनसे अन्य लोगों को भी अपनी शादी के कार्ड पर इस तरह के स्लोगन छपवाने का अनुरोध करने का वादा किया है। जुनैद के मुताबिक, उन्होंने अपनी शादी में करीब 400 निमंत्रण पत्र अपने मित्रों और रिश्तेदारों को बांटे हैं। जुनैद ने कहा कि जिसे भी यह कार्ड जा रहा है वह मुझे फोन करके इस बारे में पुछ रहा है और मेरे इस कदम को सराहनीय बता रहा है।

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