ये है अलकायदा का खतरनाक न्यू ईयर प्लान, कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना..

ये दुनिया को दहलाने वाले आतंकी संगठन अलकायदा का…. इंडिया को दहलाने का वो डर्टी प्लान है… जिसके दम पर वो कश्मीर में अपनी जिहादी जीत के सपने देख रहा है… आतंकी संगठन अलकायदा ने एक नया वीडियों जारी कर अपने जिहादियों को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए उकसाया है… अलकायदा के सेकेंड-इन-कमांडर उसामा महमूद ने कश्मीर में जीत के लिए भारत के दूसरे बड़े शहरों में हमला करने के लिए अपने आतंकियों से कहा है… अलकायदा के इस नए प्लान के मुताबिक दिल्ली… कोलकाता… बेंगलुरू और मुंबई में हमले की साजिश है।

दरअसल ऐसा करने के पीछे अलकायदा का मसकद कश्मीर से भारत का ध्यान भटकाकर खुद का कश्मीर पर कब्जा करना है… उसे लगता है कि नए साल के मौके पर अगर भारत के बड़े शहरों में अगर आतंकी हमले हुए तो उसकी पकड़ कश्मीर में ढीली हो जाएगी.. इसका फायदा अलकायदा उठा लेगा… इतना ही नहीं अलकायदा ने भारत की लोकतांत्रिक नीतियों की आलोचना करते हुए मुस्लिमों से राजनीतिक पार्टियों से सतर्क रहने को कहा है… लेकिन अलकायदा के जिहादी अपने नापाक मंसूबों में पास हो पाते उससे पहले ये डर्टी प्लान लीक हो गया है…. जिसके बाद दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और मुबंई में सुरक्षा व्यव्स्था कड़ी कर दी है।

आपको बता दे कि अलकायादा लंबे समय से कश्मीर में अपने नापाक मंसूबों को पाले हुए है.. जिनके लिए वो वक्त वक्त पर आतंकी साजिश रचता रहा है… लेकिन अब उसका नापाक मंसूबां कश्मीर पर जीतने का है,,, जो कभी पूरा नहीं होगा… कश्मीर में तैनात 6 लाख से ज्यादा सैनिक अलकायदा की कमर तोड़े हुए हैं… उसे मालूम है कि वो चाहकर भी भारतीय सैनिकों से मुकाबला कर नहीं सकता… इसीलिए उसने अब भारत के बड़े शहरों में आतंकी हमले की साजिश रची है… तो अलकायदा ने कश्मीर जीतने के लिए अपने डर्टी प्लान के तहत जिहादियों को भारत के बड़े शहरों में हमला करने की सलाह दी है… यानी के दिल्ली,, कोलकाता,,, बेंगूलरू और मुंबई पर आतंकी साया मंडरा रहा है… जिससे भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सचेत रहना होगा… क्योंकि भारत में आतंकी हमले पहले भी हुए हैं…

मुंबई सीरियल ब्लास्ट- 12 मार्च 1993 को पूरे मुंबई में सीरियल धमाके हुए… इस हमले में 257 लोग मारे गए….

कोयम्बटूर धमाका- 14 फरवरी 1998 में इस्लामिक ग्रुप अल उम्माह ने कोयंबटूर में 11 अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके किए, इसमें 60 लोगों की मौत हो गई

श्रीनगर धमाका- 3 नवंबर 1999 को  श्रीनगर के बादाम बाग में हुए आतंकवादी हमले में 10 जवान शहीद हो गए

जम्मू कश्मीर विधानसभा पर हमला – 1 अक्टूबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के 3 आत्मघाती हमलावरों ने विधानसभा भवन पर हमला किया, इसमें 38 लोग मारे गए

संसद पर हमला – 13 दिसंबर 2001 में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए- मोहम्मद के 5 आतंकवादियों ने  भारत संसद भवन पर हमला कर दिया,  आतंकियों को मार गिराया, इस हमले में 6 पुलिसकर्मी और 3संसद भवन कर्मी मारे गए

जम्मू-कश्मीर हमला- 14 मई 2002  को जम्मू कश्मीर के कालूचक में हुए हमले में 21 जवान शहीद गए

अक्षरधाम मंदिर पर हमला- 24 सितंबर 2002 को लश्कर और जैश के 2 आतंकियों ने अक्षरधाम मंदिर में घुसकर हमला कर दिया, इस हमले में 31 लोग मारे गए

अखनूर में हमला- 22 जुलाई  2003 को जम्मू कश्मीर के अखनूर में हुए आतंकी हमले में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए

दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट- 29 अक्टूबर 2005 में दीवाली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए। इसमें कुल 63 लोग मारे

मुंबई ट्रेन धमाका- 11 जुलाई 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में अलग-अलग 7 बम विस्फोट हुए,इसमें कुल 210 लोग मारे गए

महाराष्ट्र के मालेगांव में 8 सितंबर, 2006 को हुए तीन धमाकों में 32 लोग मारे गए

5 अक्टूबर 2006 श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए

19 फरवरी 2007 को भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में  आतंकी हमला इसमें 66 यात्री मारे गए

आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में 25 अगस्त, 2007 को हुए धमाके में 35 मारे गए

उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी, 2008 को रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कैंप पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए

जयपुर विस्फोट- जयपुर में 13 मई 2008 में 15 मिनट के अंदर 9 बम धमाके हुए, इन धमाकों में कुल 63 लोग मारे गए थे

अहमदाबाद में 26 जुलाई, 2008 के दिन दो घंटे के भीतर 20 बम विस्फोट होने से 50 से अधिक लोग मारे गए

इंफाल में 21 अक्टूबर, 2008 को मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर पर हुए हमले में 17 लोगों की मौत हो गई

असम में धमाके- गुवाहाटी में 30 अक्टूबर 2008 को कई जगहों पर कुल 18 धमाके आतंकियों द्वारा किए गए। इन धमाकों में कुल 81 लोग मारे गए

26/11 मुंबई आतंकी हमला- 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने सीरियल बम धमाकों के अलावा कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की, इस हमले में करीब 180 लोग मारे गए

पुणे की जर्मन बेकरी में 10 फरवरी, 2010 को हुए बम धमाके में नौ लोग मारे गए

बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 17 अप्रैल, 2010 में हुए दो बम धमाकों में 15 लोगों की मौत हो गई

26 सितंबर 2013 में हुए एक आत्मघाती हमले में 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए

5 दिसंबर 2014 में उड़ी सेक्टर में हुए हमले में 7 सैनिक शहीद हो गए

पठानकोट हमला- 2 जनवरी 2015 को पठानकोट एयरबेस पर 7 आतंकवादियों हमला कर कई लोगों को घायल कर दिया जिसमें 7 जवान शहीद हो गए,

गुरदासपुर हमला- पंजाब के गुरदासपुर में 27 जुलाई 2015 को बड़ा आतंकी हमला हुआ। हमले में गुरदासपुर के SP डिटेक्टि‍व बलजीत सिंह सहित 4 जवान शहीद हो गए थे

7 दिसंबर 2015 में अनंतनाग में हुए आतंकवादी हमले में 6 जवान शहीद हुए

25 जून 2016 पंपोर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में 8 जवान शहीद हुए

18 सितंबर 2016 में उड़ी सेक्टर सेना के कैंप पर हुए एक आतंकवादी हमले में कम से कम 20 जवान शहीद हो गए

अमरनाथ हमला- 10 जुलाई 2017 को आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं को निशाना बनाया, इस हमले में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई

और अब नए साल के मौके पर अलकायदा एक बार फिर भारत में आतंकी हमले करने के लिए अपने जिहादियों को उकसा चुका है.. यानी के भारत के बड़े शहरों पर अलकायदा की नजर है.. उसकी कोशिश फिर से अपने खत्म होते वजूद को जिंदा करने की है..

 

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