“इंडियन मार्कोस कमांडोज”, 10 हजार सैनिकों में से कोई एक बनता हैं “मार्कोस”

दिल्लीः इंडियन मार्कोस कमांडोज दुनिया के सबसे बेहतरीन कमांडो में से एक हैं। ये कमांडो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी बड़ी आसानी से कम कर पाने में सक्षम होते हैं। मुंबई बम धमाकों के वक्त पहली बार मार्कोस कमांडो (Indian Marcos commandos)
देश के सामने बड़े रूप में सामने आए थे। काली वर्दी, मुंह पर काला कपड़ा और आंखों पर चश्मा पहने इन कमांडोज को देश ने तब टीवी पर देखा था।

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आपको बता दें कि 20 साल उम्र वाले प्रति 10 हजार युवा सैनिकों में एक का सिलेक्शन मार्कोस फोर्स के लिए होता है। इसके बाद इन्हें अमेरिकी और ब्रिटिश सील्स के साथ ढाई साल की कड़ी ट्रेनिंग करनी होती है। देश के मरीन कमांडो जमीन, समुद्र और हवा में लड़ने के लिए पूरी तरह से सक्षम होते हैं।

अमेरिकी नेवी सील्स के साथ होती है ट्रेनिंग Indian Marcos commandos की –

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अमेरिकी सील्स कमांडो फोर्स और इंडियन मार्कोस फोर्स का आपस में गहरा रिश्ता है। दोनों देशों के बीच आपसी ट्रेनिंग का करार है। मार्कोस फोर्स का गठन नेवी सील्स की तर्ज पर किया गया है। अमेरिकी सील्स का नाम सी. एयर एंड लैंड से बना है। यानी इसके ट्रेंड कमांडो तीनों स्थानों पर किसी भी ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम होते हैं। 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी ओसामा बिन लादेन खात्मा यूएस नेवी सील्स के कमांडोज ने ही किया था।

हाथ-पैर बंधे होने पर भी तैर सकते हैं “मार्कोस” –

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मार्कोस इंडियन नेवी के स्पेशल मरीन कमांडोज हैं। स्‍पेशल ऑपरेशन के लिए इंडियन नेवी के इन कमांडोज को बुलाया जाता है। ये कमांडो हमेशा सार्वजनिक होने से बचते हैं। मार्कोस हाथ पैर बंधे होने पर भी तैरने में माहिर होते हैं। नौसेना के सीनियर अफसर की मानें तो परिवार वालों को भी उनके कमांडो होने का पता नहीं होता है। मार्कोस का मकसद आतंकियों को उन्हीं के तरीके से मारना, जवाबी कार्रवाई, मुश्किल हालात में युद्ध करना, लोगों को बंधकों से मुक्त कराना जैसे खास ऑपरेशनों को पूरा करना है। मुबंई हमले में मार्कोस ने भी आतंकियों को काबू किया था।

“मार्कोस” का मतलब –

मार्कोस का निकनेम ‘मगरमच्छ ‘ है। इसकी एनिवर्सिरी वैलेंटाइन डे के दिन यानी 14 फरवरी को होती है और इसका मोटो है, ‘द फ्यू द फियरलेस।’ अप्रैल 1986 में नेवी ने एक मैरीटाइम स्पेशल फोर्स की योजना शुरू की। एक ऐसी फोर्स जो मुश्किल ऑपरेशनों और काउंटर टेररिस्टि ऑपरेशनों को अंजाम दे सकें।

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