शिमला: ठंढ का समय चल रहा है, ऐसे में हर कोई गर्म चीजों की तलाश में रहता है। बात जब शिमला के ठंढी वादियों की हो तो गर्मी की तलाश और ज्यादा बढ़ जाती है। पीएम मोदी की अदा के बारे में तो जानते ही हैं। उनकी अदा की ही जनता कायल है। जहाँ उनका मन करता है, वहीँ वह चौपाल लगा लेते हैं और जनता के बीच बैठकर आम आदमी बन जाते हैं। शिमला की इन्ही ठंढी वादियों में हर किसी की तरह पीएम मोदी भी खुद को गर्मा-गर्म कॉफ़ी की चुस्कियां लेने से नहीं रोक पाए।

जैसे ही उन्हें काफिले के साथ चलते समय कॉफ़ी की खुशबू मिली, उन्होंने काफिले को रोकने का आदेश दिया। अचानक से वह भीड़ के बीच में उतर पड़े। उन्होंने जोर से आवाज दी, अरे भाई कॉफ़ी मिलेगी क्या? मोदी की आवाज सुनकर भागीरथ शेफ दौड़े-दौड़े कॉफ़ी लेकर आये और उन्हें दी। एक साधारण आदमी की तरह उन्होंने भी सड़क के किनारे खड़े होकर कॉफ़ी पी। लगभग 4 मिनट तक कॉफ़ी हाउस के बाहर रूककर पीएम मोदी कॉफ़ी की चुस्कियां लेते रहे। इन चार मिनटों में उन्होंने शिमला में बिताये हुए समय को याद किया।

उन्होंने बताया कि जब वह शिमला में थे टन अक्सर यहाँ पर कॉफ़ी पिया करते थे। आज वह यादें तरोताजा हो गयी। उन दिनों की सभी बातें याद आ गयी। इंडियन कॉफ़ी हाउस में बिताये पल याद आ गए। अपनी कॉफ़ी ख़त्म करने के बाद पीएम मोदी ने शेफ भागीरथ को धय्न्वाद कहा और अपनी गाड़ी में बैठकर आगे निकल गए। इस दौरान उन्हें देखने के लिए भीड़ इकट्ठी हो गयी। लोग मोदी की एक झलक पानें के लिए उतावले थे। कई लोगों ने इस ख़ास पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया।

आपको बता दें जब मोदी 1998 में हिमांचल भाजपा प्रभारी थे, तब वह यहाँ अक्सर कॉफ़ी पीने के लिए आते थे। पीएम मोदी के कॉफ़ी पीने के बाद इंडियन कॉफ़ी हाउस में ख़ुशी का माहौल बन गया। अतिरिक्त प्रबंधक विरेन्द्र नेगी ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि पीएम मोदी ने हमारे यहाँ कॉफ़ी पी। इससे ख़ुशी की बात हमारे किये कुछ और हो ही नहीं सकती है। भागीरथ ने बताया कि मोदी की एक आवाज पर वह कॉफ़ी और स्लाइस लेकर गए। पीएम मोदी ने आधा कप कॉफ़ी पीने के बाद धन्यवाद किया और अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए।

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