नॉएडा का श्राप : पिछले 29 सालों से चले आ रहे मिथक को आज तोड़ेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: केवल आम जनता के बीच ही नहीं राजनीतिक गलियारे में भी अन्धविश्वास का बोलबाला जोरों पर है। जी हाँ आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी तरह के एक अन्धविश्वास को जो पिछले 29 सालों से चल आ रहा है, उसे आज सीएम योगी तोड़ने वाले हैं। आज योगी नॉएडा आयेंगे। ऐसा अन्धविश्वास है कि जो भी सीएम नॉएडा जाता है, उसे सीएम की कुर्सी से हाथ धोना पड़ता है। आज योगी नॉएडा में नई मेट्रो की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आ रहे हैं।

आपको बता दें देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर को पीएम मोदी मजेंटा लाइन का उद्घाटन करेंगे। सीएम योगी की यह नॉएडा यात्रा इसलिए भी काफी ख़ास मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 29 सालों से कोई भी मुख्यमंत्री यहाँ आने से परहेज करता रहा है। यहाँ के बारे में यह कहा जाता है कि जो भी मुख्यमंत्री यहाँ आता है, उसे मुख्यमंत्री की कुर्सी से हाथ धोना पड़ता है। आख़िरी बार मायावती नॉएडा गयी थी, और उन्हें 2012 में कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था।

योगी से पहले अखिलेश लगातार 5 सालों तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एक बार भी नॉएडा का दौरा नहीं किया। उन्होंने इस अन्धविश्वास को तोड़ने की बात जरुर कही थी। सीएम योगी की नॉएडा यात्रा पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी वालों की भगवान से सेटिंग है। वह लोग कुछ भी कर सकते हैं। हम तो धर्म के अनुसार चलते हैं। बिल्ली के रास्ता काटने पर रुक जाते हैं। उनकी भगवान से डायरेक्ट सेटिंग है इसलिए वो जा रहे हैं।

अखिलेश से पहले मुलायम सिंह यादव, राजनाथ सिंग और कल्याण सिंह भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने भी कभी नॉएडा जाने की हिम्मत नहीं की। अगर इतिहास पर गौर करें तो इस घटना का सम्बन्ध पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह से जुड़ा हुआ है। 1988 में नॉएडा से लौटने के तुरंत बाद उन्हें अपनी कुसी गंवानी पड़ी थी। उसके बाद 1989 में नारायण दत्त तिवारी और 1999 में कल्याण सिंह को भी नॉएडा आने के तुरंत बाद अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था। 1995 में मुलायम सिंह को भी नॉएडा आने के कुछ दिनों बाद ही कुर्सी छोडनी अदि थी।

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