आज के समय में विज्ञान के जरिए वो सब कुछ भी सम्भव हो सकता है.. जिसे कल तक सिर्फ चमत्कार माना जाता था.. और हाल ही में एक ऐसा ही चमत्कार हुआ है जिसने वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया है। जी हां, मेडिकल साइंस ने ये जो नया कारनामा किया है उसके परिणामस्वरूप एक मां और उसकी नवजात बच्ची की उम्र में बीच सिर्फ एक साल का अंतर है। दरअसल अमेरिका में एक 25 वर्षीय मां ने 24 साल पुराने भ्रूण से एक बच्ची को जन्म दिया है।मेडिकल साइंस की दुनिया में ये रिकार्ड है जहां 14 अक्टूबर 1992 से सुरक्षित इस सबसे पुराना फ्रोजेन मानव भ्रूण के जरिए बच्चे का जन्म हो सका है । आईवीएफ़ तकनीक खोजे जाने के बाद से गर्भाधान और जन्म के बीच यह संभवत: सबसे बड़ा अंतर है.. इससे पहले 20 साल पुराने भ्रूण से बच्चे का जन्म कराया गया था। ऐसे में मेडिकल साइंस के इस कारनामे की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है।

दरअसल 1992 में एक दम्पति ने इस भ्रूण को राष्ट्रीय भ्रूणदान केंद्र नाम की संस्था को दान दिया था .. इस संस्था ने इस साल इस निषेचित भ्रूण को पश्चिम टेनेसी की टीना गिब्सन को उपलब्ध कराया था.. असल में टीना सात साल की शादीशुदा युवती हैं पर टीना के पति बेंजामिन गिब्सन सिस्टिक फायब्रोसिस से पीडि़त हैं जिसमें पुरुष की प्रजनन क्षमता कम हो जाती है।

इसलिए टीना ने अपने पिता की सलाह पर भ्रूण गोद लेकर उससे बच्चा पैदा करने की निर्णय लिया और फिर टीना और उसके पति ने अगस्त 2016 में भ्रूण गोद लेने के लिए आवेदन किया। ऐसे में कई सारे जांच के बाद इस भ्रूण को टीना के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया गया.. जिसके बाद टीना ने इस फ्रोजेन भ्रूण से 25 नवंबर को 3.08 किलोग्राम वजनी बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम एमा रखा गया है।

जन्म के समय बच्ची की लंबाई 20 इंच थी और वो पूरी तरह स्वस्थ है। आपको बता दें कि एमा के गर्भाधान के समय टीना खुद डेढ़ साल की थीं। ऐसे में एमा को जन्म देने की खुशी व्यक्त करते हुए टीना का कहना है कि, ‘मेरी उम्र भी 25 साल ही है ऐसे मैं और यह भ्रूण दोस्त हो सकते थे।हालांकि मुझे बस एक बच्चा चाहिए था और मैं वर्ल्‍ड रिकार्ड बनने या नहीं बनने की परवाह नहीं करती हूं।’ । गौरतलब है कि ये भ्रूण चूंकि लंबे समय तक जमा देने वाले तापमान में सुरक्षित रखे जाते हैं, इसलिए मेडिकल साइंस की दुनिया में उन्हें ‘स्नो बेबीज़’ बुलाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.