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अखिलेश ने छुड़ाया मंत्रालय और मुलायम ने बना दिया प्रदेश अध्यक्ष

यूपी में विधानसभा चुनाव नजदीक के ऐसे में सपा सरकार के युवा सुप्रीमो जनता में अपना वर्चस्व दिखने के लिए कई नए फैसले ले रहे है और इन्ही फैसलों में से एक है शिवपाल यादव को मंत्रालय से बहार निकलना। लेकिन इस फैसले के कुछ ही घंटे बाद पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल को उत्तर प्रदेश का पार्टी प्रेजिडेंट घोषित कर दिया।

 

जहाँ यूपी के चुनावों में 6 महीने से कम समय बचा है, वही इस खिंचा-तानी से विपक्ष में बैठी बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती और बीजेपी को फायदा होता दिख रहा है। वहीं विशेषज्ञों की मानें तो अखिलेश अपने इन ठोस क़दमों से जनता में पार्टी में अपनी स्थिति का संदेश भेज रहें हैं। अखिलेश यूपी के युवा वर्ग में काफी प्रचलित नेता हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय में राजनीतीशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके और लखनऊ स्थित राजनीती विशेषज्ञ रमेश दीक्षित का कहना है कि, “अखिलेश का यूपी की जनता को सरल सा सन्देश यही है कि वो बाकि नेताओं की तरह धर्म-जाती का खेल न खेल कर सिर्फ और सिर्फ विकास पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहें हैं। शिवपाल सिर्फ एक पार्टी सदस्य हैं और अखिलेश पर पार्टी का पूरा भार है, ऐसे में वो पार्टी की छवि को धूमिल नहीं होने देंगे।”

शिवपाल यादव को राजस्व, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग विभागों के कार्यभार से हटा दिया गया है और बदले में उन्हें समाज कल्याण विभाग दे दिया गया है।

अभी मंगलवार को ही सपा सरकार ने एक रिलीज के तहत अखिलेश हो हटाकर पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति की।

अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल के बीच मतभेद की खबर जून से चली आ रही हैं, ऐसा तब हुआ जब शिवपाल ने गैंगस्टर से नेता बने मुख़्तार अंसारी की कौमी एकता दाल पार्टी का सपा में विलय का निर्णय लिया और अखिलेश ने इस निर्णय को ख़ारिज कर दिया।

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