मुंबई: संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर पुरे देश में बवाल मचा हुआ है। इस फिल्म को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और कई राज्यों की सरकारों ने तो इस फिल्म को अपने राज्य में बैन भी कर दिया है। फिल्म के विरोध और समर्थन को लेकर बॉलीवुड सहित राजनीतिक जगत के कई लोगों के बयान आ चुके हैं। लेकिन इस मामले पर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कुछ नहीं बोल रहे थे। लेकिन उन्होंने आख़िरकार इस मामले को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ ही दी है।

पीटीआई की खबर के अनुसार आमिर खान ने कहा कि, हर किसी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन हिंसा इसका तरीका नहीं होना चाहिए। उन्होंने हिंसा के रास्ते को गलत ठहराया है। उन्होंने पद्मावती के विवाद पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा बस यही कहा कि इसका रास्ता हिंसा नहीं है। आमिर खान कहते हैं, “मुझे लगता है कि, सबको विरोध करने का अधिकार है। लेकिन यह सोचकर देखें कि डेमोक्रेसी और वो देश, जिस पर हम विश्वास करते हैं, मुझे नहीं लगता कि कोई भी यहां लोगों को नुकसान पहुंचता है।“

यह दुर्भाग्य है। फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और निर्देशक संजाल लीला भंसाली को जान से मरने की मिली धमकी को लेकर आमिर खान का कहना है कि इस बात से कोई वास्ता नहीं है कि आप फिल्म पर्सन हैं या नहीं, या फिर आप डॉक्टर है, इंजीनियर है, गवर्नमेंट सर्वेंट है, पर यह फिजिकली नुकसान पहुंचाने वाली बात दुर्भाग्य है। मैं ऐसे विचारों को नहीं मानता। जब भी इस तरह की बातें होती हैं तो यह हमारे ऊपर गलत असर डालती हैं। ऐसी धमकियों को सिर्फ फिल्म से जुड़े लोगों तक सिमित ना रखें। उन्होंने कहा कि चाहे कोई बड़ा स्टार हो या आम आदमी कानून सबके लिए बराबर है।

किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। आमिर खान ने यह भी कहा कि पद्मावती विवाद को लेकर ज्यादातर अभिनेता चुप ही रहे हैं। केवल सलमान खान, शबाना आज़मी, जावेद अख़्तर, अनुराग कश्यप, हंसल मेहता और आनंद एल राय जैसे कुछ लोगों ने ही इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। फिल्म पद्मावती में रानी पद्मवती के किरदार का गलत चित्रण किये जाने का आरोप लगाया जा रहा है। जिसकी वजह से करणी सेना के लोगों ने फिल्म की शूटिंग के समय संजय लीला भंसाली पर हमला भी किया था। बढ़ते विवाद को देखते हुए फिल्म की रिलीज को अनिश्चितकालीन के लिए टाल दिया गया है।

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