दिया मिर्ज़ा नहीं करेगी सेनेटरी नैपकिनस का प्रयोग, वजह कर देगी हैरान

प्रकृति ने हमे वरदान के रूप में न जाने कितनी चीज़े दी है पर आजकल लोग इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर प्रकृति को ही नष्ट करने के कागार पर पहुँचा रहे हैं.. तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या और तेज़ी से घटते नेचुरल स्रोत की वजह से आज लोग पर्यावरण को होने वाले नुकसान को इग्नोर कर रहे है पर अगर प्रकृति ने जिस दिन अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए उस दिन इस धरती को विनाश के कागार पर पहुँचने से कोई नही रोक सकता. पर्यावरण की इन्ही महत्वों को समझते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस दिया मिर्ज़ा आजकल बॉलीवुड से दूर रहकर प्रकृति संरक्षण के मकसद से कुछ अहम कार्य करने में लगी हुई है. इसी कड़ी में उन्होंने यह बयान देकर सबको चौका डाला कि वह सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल कभी नही करती है इसके पीछे की वजह जानकर सब हैरान है. तो चलिए आपको भी बताते है इसके पीछे की हैरान करने वाली वजह…

इन दिनों बॉलीवुड से दूर रहकर पर्यावरण के संरक्षण के लिए काम करने वाली दिया मिर्ज़ा को हाल के ही दिनों में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना दूत के तौर पर नियुक्त किया गया है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना दूत के तौर पर नियुक्ति के बाद जब हाल में ही पर्यावरण संबंधी एक कार्यक्रम में उनसे पर्यावरण संरक्षण को लेकर कुछ सवाल किए तो उनका उत्तर सबको प्रभावित करने वाला था. दिया कि माने तो उन्होंने वह सारी वस्तुओं को इस्तेमाल में लाना छोड़ दिया है जिसकी वजह से पर्यावरण को किसी भी तरह से नुकसान पहुँचता हो.

इसी क्रम में बातचीत करते हुए उन्होंने अपने रोजमर्रा की इस्तेमाल में आने वाली चीज़ों को लेकर बताया कि वह प्लास्टिक की हर एक चीज़ का इस्तेमाल करना बंद कर चुकी है. उनके मुताबिक साधारण लोगों की इस्तेमाल में लागये जाने वाले प्लास्टिक का नही है बल्कि उनका टूथब्रश भी नेचुरल बम्बू का बना हुआ है. इसके अलावे उन्होंने यह बताया कि वह बोतल बन्द पानी का इस्तेमाल करना भी बंद कर चुकी है इसकी जगह वह मेटल से बने बॉटल्स का इस्तेमाल करती है क्योंकि आजकल सबको पता है कि प्लास्टिक कभी नष्ट नही होता और यह हमारी पर्यावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुचाता है.

इसके अलावे उन्होंने सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवाल का भी बेहद सरल शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने बताया कि वह अपने पीरियड्स के दौरान वह सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल बिल्कुल भी नही करती क्योंकि इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. सेनेटरी नैपकिन की जगह वह पीरियड्स के दौरान बायोडिग्रेडबल नैपकिन का इस्तेमाल करना पसंद करती है जो कि इस्तेमाल के कुछ दिन बढ़ खुद ब खुद decompose होकर मिट्टी में मिल जाते है और पर्यावरण भी इससे सुरक्षित रहता है.

इसके आगे दिया मिर्ज़ा ने बताया कि वह किस कदर सेनेटरी नैपकिन के प्रचार को लेकर आये ऑफर को भी ठुकराने में भी थोड़ी भी देर नही करती. उनके मुताबिक महिलाओ को उनके मासिक धर्म के दिनों में प्लास्टिक से बने नैपकिन का इस्तेमाल नही करना चाहिए. यह सस्ता तो होता है पर आपकी हेल्थ और वातावरण दोनों के ऊपर इसका बेहद ही बुरा प्रभाव पड़ता है. उन्होंने सभी महिलाओं से यह अपील भी की कि वह सेनेटरी नैपकिन का उपयूंग न करके उसकी जगह बायोडिग्रेडबल नैपकिन का इस्तेमाल करे जिससे कि कुछ हद तक पर्यावरण का संरक्षण तो संभव हो पायेगा.

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