भारतीय सेना ने दिखाया अपना दम, मार गिराया पाँच आतंकियों को और कर दिए आतंकियों के हौसले पस्त

श्रीनगर: देश में आतंकवाद की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। आतंकियों से लोहा लेने के लिए भारतीय सेना हर समय सीमा पर तैनात रहती है। पाकिस्तान की करतूतों के बारे में भी किसी को बताने की जरुरत नहीं है। जब पाकिस्तान सीधे तौर पर भारत का सामना नहीं कर पाता है तो वह भारत की शांति भंग करने के लिए आतंकवाद का सहारा लेता है। लेकिन भारतीय सेना भी पाकिस्तान के आतंकवाद का करारा जवाब देने में माहिर है। आज सेना को जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी कामयाबी मिली है।

भारतीय सेना के जवानों में बडगाम में चार आतंकियों को ढेर कर दिया, वहीँ सोपोर में भी सेना ने एक आतंकवादी को मौत के घाट उतार दिया। जानकारी मिलने तक सेना का ऑपरेशन जारी था। एक आंकड़े के अनुसार 2017 में अब तक जम्मू-कश्मीर में कुल 200 आतंकवादी मारे गएजानकारी के अनुसार इन दोनों मुठभेड़ों में सेना के दो जवान भी घायल हो गए। वहीँ आतंकियों के समर्थन में उतरी भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस बल के प्रयोग से 3 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।

प्रशासन ने सूबे में इन्टरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया है। जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों के च्होए होने की सूचना मिलने के बाद सेना की 10 गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों और राज्य पुलिस विशेष अभियान दल के जवानों ने संयुक्त रूप से बडगाम में तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह सात बजे के आस-पास जैसे ही जवान अस्स्दुल्लाह नाम के एक व्यक्ति के घर नजदीक पहुँचे छुपे हुए आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू की। दोपहर दो बजे तक चार आतंकियों के मारे जाने की खबर मिली।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार जैसे ही मुठभेड़ की सूचना मिली स्थानीय लोग नारेबाजी करते हुए अपने घरों से बाहर निकल आये। उन्होंने जवानों पर पथराव शुरू कर दिया और मारपीट करने की कोशिश की। इस स्थिति से निजात पाने के लिए सेना को पहले तो लाठियों का प्रयोग करना पड़ा फिर आंसू गैस से स्थिति ना संभलने पर फायरिंग भी करनी पड़ी। सोपोर के सगीपोरा में भी सेना की 9 पैरा और राज्य पुलिस विशेष अभियान दल के जवानों के संयुक्त कार्यदल ने आतंकियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया। जवानों को देखते ही आतंकियों ने उनपर हमला कर दिया। सेना की जवाबी कार्यवाई में एक आतंकी मारा गया।

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