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क्या ब्रम्हास्त्र ही भूल गया भारत? बस पीएम मोदी रद्द कर दें ये संधि, घुटनो के बल आ जाएगा पाकिस्तान

ना जाने कितने वर्षों से पाक ने भारत के लिए ढेरों मूसेबतें पैदा कर रखी हैं । आज़ादी के बाद से अब तक वो हमसे 4 बार युद्ध कर चुका है । सैकड़ों घुसपैठ की घटनाएँ और दर्जनों आतंकी हमलों की स्क्रिप्ट पाकिस्तानी सरकार और सेना ने बनाई है । यूएन में पाकिस्तान हमेशा कश्मीर राग गा कर भारत पर दबाव बनाने का प्रयास करता है ।

अब तक भारत पूरी तरह घाटी और कश्मीर से आतंकवाद कम करने के लिए पाकिस्तान पर निर्भर रहता था की पाकिस्तान के साथ संधि वार्ता करके इन मसलों को सुलझाने का प्रयास किया जाए । परंतु ज़्यादातर लोग एक बात जानते नहीं होंगे की भारत के पास एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है जो पाकिस्तान की बोलती पूरी तरह से बंद कर सकता है और उसे घुटनों पे ला खा खड़ा करेगा ।

ये ब्रह्मास्त्र है सिंधु जल संधि । जी हाँ वही संधि जो भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू ने पाक राष्ट्रपति जेनेरल अयूब खान के साथ साइन की थी । इसके तहट भारत पिछले 56 वर्षों से दुनिया का सबसे उदार जल बंटवारा कर रहा है ।

इस संधि ले अनुसार हमारा देश पाकिस्तान को 6 नदियों का लगभग 80 प्रतिशत से भी ज़्यादा पानी देता है । 2 नदियां । झेलम और चिनाब पाकिस्तान को गिफ्ट कर दी गयी थी । इसके बावजूद पाकिस्तान भारत के पीठ में चुरा भोंकने से बाज़ नहीं आता ।

इसी ब्रामहासत्र का उपयोग कर भारत पाकिस्तान पर बड़ा दबाव बना सकता है । पाकिस्तान को पानी की सप्लाइ भारत की शर्तों पर होनी चाहिए जैसे की पूर्णतः सीमापार से आतंकवादी भेजने पर नियंत्रण , पाकिस्तान में खुले घूम रहे 2008 के मुंबई हमलों के आतंकी हाफिज़ सईद को भारत को सौंपना , कश्मीर में हिंसा न फैलाना  और कई अन्य शर्तें । और पाकिस्तान के पास इन शर्तों को मंजूर करना छोड़ और कोई उपाय नहीं होगा ।

 

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