अगर मोदी राज में कश्मीर का मसला नही सुलझा तो फिर यह कभी नहीं सुलझ पायेगा: महबूबा

कश्मीर के हालात देखकर देश में सभी चिंतित है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह सिर्फ एक चिंता का विषय नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने रविवार शाम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आतंकियों और कश्मीर की जनता को समझते हुए कहा कि हम बहुत ही भाग्यशाली है कि हमें मोदी जी जैसा निडर और सक्षम प्रधानमंत्री मिला है, हर किसी में निर्णय लेने की ताकत नहीं होती। हम इस अवसर का फायदा उठाना चाहिए।

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उन्होंने आगे कहा कि मेरी सरकार को सत्ता में आये अभि 3 महीने ही हुए है लेकिन तबसे कश्मीर में कोई न कोई विवाद जन्म लेता ही रहता है। बुरहानी वानी की मौत का ही उदहारण ले लीजिए। कश्मीर मुद्दे को सुलझाने का एकनत्र विकल्प अटल जी और आडवाणी जी के सिद्धान्त को अपनाना है और यदि हम मोदी राज में इस मसले का निपटारा नहीं कर पाए तो मुझे दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि फिर यह मुद्दा कभी सुलझ भी नहीं पायेगा।

 

महबूबा ने कई विषयों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि, मुझे समझ नहीं आता, हमारे कश्मीरी भाई-बहन कैसी आजादी चाहतें हैं। ऐसी आजादी जो उन्हें बच्चों को घायल कर दे या उनको गलत रास्ते पर ले जाये, अगर यही आज़ादी है तो इससे कही बेहतर है आज़ाद न होना। दुकानदारों की दुकानें बंद है, कर्मचारी अपने कार्यालयों में नहीं जा पा रहें और बच्चे अपने सछोलों को छोड़ कर पुलिस वालों पर पत्थर बरसाने में लगे हैं। यह सिर्फ भय का माहौल पैदा करने के हालात हैं। आपही निर्णय ले क्या एक दस साल के बच्चे को राजनीती का कोई ज्ञान होता है?, क्या आप अपने बच्चों को ऐसा ही माहौल देना चाहतें हैं। इस बात को कश्मीर की आवाम के साथ पाकिस्तान को भी समझना पड़ेगा, क्योंकि कही हद तक पकिस्तान भी इसके लिए उतना ही जिम्मेदार है, जितना की ये आतंकी।

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