राजनीति

सामने आया एफिडेविट, अहमद पटेल ने 2014 में ही दे दिया था अस्पताल से इस्तीफ़ा

अहमदाबाद: सरदार पटेल हॉस्पिटल से कांग्रेस नेता अहमद पटेल के इस्तीफे के बाद अब अस्पताल की तरफ से जारी किया गया एफिडेविट सामने आया है। इस एफिडेविट में साफ़-साफ़ लिखा है कि अब अहमद पटेल और उनके परिवार के किसी भी सदस्य का सम्बन्ध इस अस्पताल से नहीं है। अस्पताल से अहमद पटेल के इस्तीफे के बाद यह एफिडेविट जारी किया गया था और ट्रस्टी पद से उनका नाम हटा दिया गया था। रूपाणी के आरोपों ने बाद अहमद पटेल ने उसका खंडन किया था और 2014 में इस्तीफे की बात कही थी। बीजेपी अब भी पटेल के खिलाफ आक्रामक रूप अपनाये हुए है।

कांग्रेस सांसद के खिलाफ रच रही है षण्यंत्र:

रूपाणी के आरोप लगानें के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हार से बचने के लिए वे अहमद पटेल पर आतंकियों के साथ सम्बन्ध का बेबुनियाद आरोप लगा रही है। पटेल के खिलाफ रूपाणी के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “बीजेपी गुजरात में हार से डर रही है और इसलिए घबराहट में वह दूसरों पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। सच्चाई की जीत होगी और गुजरात में बीजेपी की हार होगी।“ सुरजेवाला ने यह भी कहा कि बीजेपी कांग्रेस सांसद के खिलाफ षण्यंत्र रच रही है।

नाकामयाबी छुपाने के लिए रच रहे हैं साजिश:

सुरजेवाला ने कहा कि सरदार पटेल एक चैरिटेबल अस्पताल है, जहाँ 150-200 कर्मचारी काम करते हैं। अहमद पटेल या उनके परिवार का कोई भी सदस्य इस अस्पताल का तट्रस्टी है। अस्पताल में होने वाले किसी भी फायदे से वो लोग जुड़े हुए नहीं है। टिम्बरवाला वहाँ एक कर्मचारी के तौर पर काम करता था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आतंकी के खिलाफ सबूत हैं तो एटीएस जाँच करे। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री अपनी नाकामयाबी छुपाने के लिए अहमद पटेल के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

नाक के नीचे से आयी दाऊद की पत्नी भारत और चली भी गयी:

सुरजेवाला ने कहा कि हमेशा ही कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, जबकि बीजेपी का रिकॉर्ड इसके विपरीत रहा है। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या पीएम मोदी या अमित शाह यह बता सकते हैं कि कैसे मोस्ट वांटेड डॉन दाऊद इब्राहीम की पत्नी 2016 में उनके नाक के नीचे से भारत आयी और यहाँ से चली भी गयी। कैसे महाराष्ट्र सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसी को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह गिरफ्तार भी नहीं हो पायी?। मध्यप्रदेश में गिरफ्तार कुछ आईएस एजेंटों का सम्बन्ध बीजेपी से था। उसमें से ध्रुव सक्सेना बीजेपी के आईटी सेल का सदस्य था।

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