कश्मीर भारत का आतंरिक मामला है पकिस्तान दूर ही रहे तो बेहतर

भारत सरकार ने कश्मीर पर विदेश सचिव से होने वाली स्तरीय वार्ता के पाकिस्तान के प्रस्ताव को आज ठुकरा दिया और जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान सीमा पार के आतंकवाद से संबंधित पहलुओं पर ही चर्चा करे, जो जम्मू कश्मीर में मौजूदा स्थिति की वजह है। (Kashmir internal matter of India )

पाकिस्तानी विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी के निमंत्रण पर भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर ने इस्लामाबाद जाने की अपनी इच्छा जाहिर की लेकिन साथ ही कहा कि, “पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर की हालात के किसी भी पहलू पर बोलने का कोई हक़ नहीं है, ये भारत का आंतरिक मामला है । इस मामले में वह केवल इतना कर सकता है कि वह सीमा पार से जारी आतंकवाद और घुसपैठ को बंद कर दे।”

उन्होंने आगे कहा, “सीमा पार से जारी आतंकवाद ही जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात की जड़ है , हम प्रस्ताव करते हैं कि विदेश सचिवों के बीच विचार विमर्श इसी पर केंद्रित होना चाहिए। वहीं पाकिस्तान का मानना है कि कश्मीर का मसला सुलझाना दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है।”

इससे जुड़े तथ्यों में मनोहर परिकर ने भी अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान में अब जंग लड़ने की ताकत नहीं बची है, इसलिए वो रोज कोई न कोई छोटी मुठभेड़ जैसी ओछी हरकतें कर रहा है।

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