म्यांमार में हिन्दुओं के साथ हुई बर्बरता सामने, हिंसा प्रभावित राखिन में मिली 28 हिन्दुओं की सामूहिक कब्र

म्यांमार: इस समय पुरे विश्व में किसी ना किसी चीज के लिए छोटी-बड़ी हिंसा हो रही है। विश्व में प्राचीनकाल से ही धर्म के नाम पर जमकर हिंसाएं होती रही है। कुछ लोगों के हित साधनें के चक्कर में कई मासूम लोग इस हिंसा में अपनी जान गँवा देते हैं। आज के समय में लोगों ने इंसानियत को भूलकर हैवानियत को अपना लिया है। एक तरह आइएसआइएस जैसे खूंखार आतंकी आतंक फैला रहे हैं तो दूसरी तरफ उत्तरी कोरिया अपने हथियारों के दम पर विश्व के लोगों को खुलेआम धमकी दे रहा है।

सामूहिक कब्र मिलनें से फैल गयी सनसनी:

इस समय म्यांमार की हालत काफी बिगड़ी हुई है। म्यांमार में स्थितियाँ सुधरनें का नाम ही नहीं ले रही हैं। हाल ही में हिंसा प्रभावित राखिन में 28 हिन्दुओं की सामूहिक कब्र मिलनें से पुरे विश्व में सनसनी फैल गयी है। म्यांमार की सेना ने रविवार को यह दावा किया कि ये 28 कब्रें किसी और की नहीं बल्कि हिन्दुओं की है। सेना ने इस कुकृत्य के लिए मुस्लिम रोहिंग्या आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। सेना प्रमुख की वेबसाइट पर एक बयान पोस्ट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सुरक्षा सदस्यों को 28 हिन्दुओं के शव मिले और उन्हें निकाला गया है।

राखिन राज्य में एआरएसए अतिवादी बंगाली आतंकियों ने इनकी हत्या की है। अराकन रोहिंग्या सेलवेशन आर्मी (एआरएसए) समूह ने पुलिस चौकियों पर जमकर हमले किये। इसके बाद सेना ने इतना बड़ा अभियान चलाया कि संयुक्त राष्ट्र बीच में आ गया और यह भी कहा कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों का जातीय सफाया किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक एक महीनें के अन्दर ही इस क्षेत्र से 430000 से ज्यादा रोहिंग्या भागकर वहाँ से बांग्लादेश चले गए हैं।

कब्र में शामिल 6 बच्चों के शव:

केवल यही नहीं उस इलाके में रहनें वाले लगभग 30000 हिन्दू और बौद्ध भी विस्थापित हुए हैं। इनमें से कुछ ने यह भी स्वीकार किया है कि रोहिंग्या आतंकियों ने उन्हें डराया-धमकाया था। सेना यह बताया कि सुरक्षा अधिकारियों को घटनास्थल से 22 महिलाओं और 8 पुरुषों के शव बरामद हुए हैं। जिसमें से 6 लड़के 10 साल से भी कम उम्र के थे। म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जाव ह्ते ने रविवार को 28 कब्रों के मिलनें की पुष्टि की है।

उत्तरी राखिन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार उन्होंने प्रत्येक जगहों पर 10-15 शवों को दफनाया हुआ था। सेना प्रमुख ने यह भी बताया कि जिस गाँव में कब्र मिले हैं उस गाँव का नाम ये बाव क्या है। यह इलाका उत्तरी राखिन में हिन्दू और मुसलमान समुदाय की बती खा मायुंग इलाके से सटा हुआ है। इलाकें के हिन्दुओं की मानें तो 25 अगस्त को आतंकी उनके गाँव में घुस आये और जो लोग बीच में आये उनकी हत्या कर दी। कुछ लोगों को वह अपने साथ भी ले गए। इस घटना की पुष्टि के लिए म्यांमार का कोई भी राजनीतिक दल सामनें नहीं आया।

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