नई दिल्ली – आए दिन पीएम मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ जहर उगलने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम एआईएमआईएम प्रमुख असदु्द्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला किया है। ओवैसी ने ट्वीट लिखा है कि सरकार कम से कम म्यांमार में फंसे 200 हिंदू परिवार को तो भारत वापस जाए। साथ ही उन्होंने म्यांमार में हो रही हिंसा में मारे गए हिन्दुओं की संख्या भी बताई है। Asaduddin owaisi on rohingya muslim hindu.

म्यांमार में फंसे हिंदुओं को तो निकालो

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने म्यांमार में मुस्लिमों के खिलाफ जारी हिंसा में 86 हिन्दुओं के मारे जाने का जिक्र करते हुए केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा है कि रोहिंग्या के खिलाफ हो रही हिंसा का शिकार वहां के हिन्दु भी हो रहे हैं। और अबतक 86 हिन्दू मारे जा चुके हैं तथा 200 हिन्दू परिवारों को म्यांमार की सेना और विद्रोही गुट अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी से जान बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा है।

उन्होंने एक ट्वीट में गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू को टैग करते हुए लिखा – कृपया म्यांमार में मर रहे 200 परिवारों को तो भारत ले आएं। इस ट्वीट के साथ उन्होंने मीडिया की उन खबरों को भी लिंक किया है जिसमें म्यांमार से बंग्लादेश आते हुए कई लोग हिंसा का शिकार हुए हैं। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय के अनुसार इस समय देश में 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं।

 

कौन हैं रोहिंग्या मुसलमान और समस्या?

रोहिंग्या मुसलमान वो हैं जो गरीब होने के साथ-साथ वक्त के मारे, भूख, कुपोषण और रोगों के शिकार हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि रोहिंग्या मुसलमान अपनी इस स्थिति के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं। रोहिंग्या मुसलमान मूलतः बांग्लादेश के रहने वाले हैं। रोजी-रोटी की तलाश में ये लोग पहले बांग्लादेश छोड़ बर्मा में घुसे फिर जब बर्मा में लोकतंत्र आया तो ये भारत में घुस आए। ये लोग भारत के अलावा बर्मा, बांग्लादेश, इण्डोनेशिया तथा थाईलैण्ड में भी चोरी छिपे रह रहे हैं।

पिछले एक हफ्ते में तकरीबन 18000 रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार से भागकर बांग्लादेश पहुंच गए हैं। इंटरनैशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया है कि म्यांमार के उत्तरपश्चिमी क्षेत्र में हिंसा भड़की हुई है, जिससे बचने के लिए करीब 60,000 रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भाग रहे हैं। रोहिंग्या मुसलमान और सुरक्षाबलों के बीच हुए संघर्ष में करीब 400 लोग मारे जा चुके हैं। अनुमान है कि भारत में इस वक्त करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं।

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