‘महाविनाशक’ हथियार की तैयारी में लगे रतन टाटा, कहा – चीन को नक्शे से ….

नई दिल्ली – देश की सुरक्षा को और मजबुत करने के लिए देश के दो बड़े बिजनेस टायकून्स ने कमर कस ली है। मुकेश अंबानी कि स्वामित्व वाली रिलायंस इजराइली कंपनी राफेल के साथ मिलकर मिसाइलों का निर्माण कर रही है। तो, वहीं अब देश कि सुरक्षा के लिए रतन टाटा भी मैदान में आ चुके हैं। भारत ने अमेरिका के साथ एफ-16 फाइटर प्लेन के निर्माण के लिए डील किया है, जिसका जिम्मा सरकार ने रतन टाटा कि कंपनी को सौंपा है। India to buy apache helicopters.

टाटा बनाएगी चीन की बर्बादी का हथियार

इससे पहले भी रतन टाटा की कंपनी ने भारतीय सेना के लिए कई मजबूत और टिकाऊ वाहनों और हथियारों का निर्माण किया है। अब सरकार ने रतन टाटा को नई जिम्मेदारी सौंपी है। भारत ने अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ चिनूक हेलीकॉप्टर और अपाचे हेलीकॉप्टर की डील की थी। जिसको असेम्बल किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक ये दोनों विनाशकारी हेलीकॉप्टर अगले कुछ सालों में भारतीय वायुसेना को मिल जाएंगे।

दुश्मनों के छक्के छुड़ायेगा अपाचे हेलीकॉप्टर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हाल ही में अमेरिका दौरे पर गये थे तो अमेरिका के साथ 2.5 बिलियन डॉलर यानी 165 अरब रुपये का रक्षा सौदा हुआ था। अपाचे की खासियत कि बात करें तो इसे अमेरिकी सेना के एडवांस्‍ड अटैक हेलीकॉप्‍टर प्रोग्राम के लिए डेवलप किया गया था। अपाचे को 1981 तक एएच-64 नाम से जाना जाता था। इसे 1981 के अंत में अपाचे नाम दिया गया।

गौरतलब है कि टाटा कंपनी भारत के रक्षा क्षेत्र में पहले से ही कार्यरत है, टाटा ने ही सेना के लिए उन्नत श्रेणी की तोप का निर्माण किया है। टाटा इसके अलावा, सेना के लिए एंटी लैंडमाइन व्हीकल भी तैयार कर रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान टाटा ने कहा है कि पहले सरकार से सहयोग नहीं मिलता था जिस वजह से भारतीय उद्योग चीन से मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन, अब मोदी सरकार ने टाटा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जिसका निर्वाह रतन टाटा के अगुवाई में टाटा कर रही है।

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