पश्चिम बंगाल : ममता के राज में नहीं मनेगा स्वतंत्रता दिवस, जानिए क्यों वायरल हो रहा है ये मैसेज?

कोलकता – पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 70 सालों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस नहीं मनेगा।’ ये मैसेज पिछले दो दिनों में व्हाट्सएप और अन्य सोशल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खुब वायरल हो रहा है। ये तो हम सभी जानते हैं कि अभी तक ममता बनर्जी का केन्द्र की मोदी सरकार से 36 का आंकड़ा रहा है। ऐसे में ममता का छवि कुछ ऐसी है कि इस मैसेज को लोग सच मान रहे हैं। अभी कुछ महीने पहले यह मैसेज भी वायरल हुआ था कि क्या ममता बनर्जी मुस्लिम हैं? mamata govt on independence day celebration.

क्या हो रहा है वायरल?

वायरल हो रहे मैसेज में कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने एक लेटर जारी कर सभी सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने पर रोक लगा दी है। लोग ये भी सवाल कर रहे हैं कि, क्या पश्चिम बंगाल भारत से अलग है? इसी तरह के कुछ अन्य मैसेज में कहा जा रहा है कि क्या स्वतंत्रता दिवस न मनाने का आदेश देकर ममता बंगाल को भारत से अलग दिखाना चाहती हैं।

दरअसल, इस तरह के मैसेज के वायरल होने के बाद हमने कुछ जांच पड़ताल कि तो हमें 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से जुड़ा बंगाल सरकार का एक लेटर मिला। इस लेटर को पश्चिमबंग सर्व शिक्षा मिशन की ओर जारी किया गया है। इस लेटर में 25 जुलाई को सेंट्रल एचआरडी मिनिस्ट्री के ज्वाइंट सेक्रेटरी की ओर से आए लेटर में पश्चिम बंगाल के स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के तरीके को अमल में न लाने का आदेश दिया गय है।

पश्चिम बंगाल को पुराने ढर्रे पर चलाएगी ममता सरकार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार कि ओर से जारी इस लेटर में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता का जश्न मोदी सरकार के ‘न्यू इंडिया’ और ‘देशभक्ति की भावना जगाने की पहल’ से अलग होगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने हाल ही में पूरे देश से इस स्वतंत्रता दिवस के जश्न के समय जग जागरण और ‘न्यू इंडिया’ विजन को अपनाने का अनुरोध किया था। जिसे ममता सरकार ने इस लेटर के जरिए मानने से इंकार कर दिया है।

ममता सरकार ने कहा है कि स्कूल-कालेज जैसे हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस मनाते रहे हैं, वैसे ही इस साल भी मनाएं। लेकिन पश्चिम बंगाल के लोगों को बीजेपी देशभक्ति न सिखाये। तो वायरल हो रहे इस तरह के मैसेज के पीछे असल सच ये है कि ममता ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता दिवस मनाने से इंकार नहीं किया है बल्कि ममता सरकार ने मोदी सरकार के स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए सुझाये गए तरीकों को मानने से इंकार किया है।

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