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अंतिम सांस गिन रही उद्धव सरकार, किसी भी समय गवर्नर को समर्थन वापसी का पत्र भेज सकता है बागी गुट

शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चल रही महा विकास अघाड़ी सरकार का अंतिम दिन हो सकता है। खबर है कि एकनाथ शिंदे की अगुवाई में गुवाहाटी में मौजूद विधायकों का बागी गुट किसी भी समय समर्थन वापसी का ऐलान कर सकता है। बागी विधायकों के समर्थन वापसी का खत शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास पहुंच सकता है।

एकनाथ शिंदे के साथ असम की राजधानी गुवाहाटी में शिवसेना के 37 बागी विधायक हैं। इसके अलावा 9 निर्दलीय और 2 प्रहार जनशक्ति पार्टी के विधायक शिंदे के साथ गुवाहाटी में है। इस तरह 48 विधायक शिंदे के साथ गुवाहाटी में हैं। खबर है कि शिवसेना के 3 विधायक और 5 निर्दलीय विधायक भी मुंबई से रवाना हो चुके हैं जो शिंदे का समर्थन कर रहे हैं।

शिवसेना के बागी विधायकों के गुट की संख्या 37 के पार हो गई है, इस तरह दल-बदल कानून भी इस गुट पर लागू नहीं होगा। राज्य के कृषि मंत्री दादा भुसे और पूर्व मंत्री संजय राठौड़ भी अब खुलकर शिंदे के समर्थन में आ गए हैं। साफ है कि उद्धव सरकार पूरी तरह से अल्पमत है। बस शिंदे की चिट्ठी का इंतजार हो रहा है। ये चिट्ठी गवर्नर हाउस पहुंचते ही उद्धव पूर्व मुख्यमंत्री होने की तरफ बढ़ जाएंगे। खबर है कि शिंदे के नेतृत्व वाला बागी गुट सेना के लेटरहेड पर राज्यपाल को समर्थन वापसी का पत्र भेज सकता है।

समर्थन वापसी का पत्र पाकर राज्यपाल सीएम उद्धव ठाकरे से बहुमत साबित करने को कहेंगे। लेकिन संभावना है कि उसके पहले ही उद्धव ठाकरे इस्तीफा दे सकते हैं। उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है।

इधर महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे समर्थकों ने उनके पोस्टर लगा दिए हैं। ठाणे से लेकर रायगढ़ तक ये पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टर में एकनाथ शिंदे के साथ बाला साहेब ठाकरे की तस्वीर हैं, लेकिन उद्धव पोस्टर से गायब हैं। ये पहली बार है कि शिवसेना के पोस्टर पर ठाकरे परिवार की फोटो हटाने पर शिवसैनिकों ने बवाल नहीं किया है। यही नहीं कई शिवसैनिक इन पोस्टरों को खुद लगा रहे हैं।

बीजेपी ने अभी नहीं खोले पत्ते

महाराष्ट्र में इन तमाम राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बीजेपी ने खुलकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। लेकिन पार्टी के रणनीतिकार अपने पक्ष में रणनीति बनाने में जुटे हैं। बीजेपी विधानसभा में अपना संख्या बल बढ़ाने की कोशिश कर रही है। खबर है कि गुरुवार को पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस से एक निर्दलीय विधायक ने मुलाकात की है।

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