गोरखपुर हादसा : सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कहा – ऑक्सीजन की कमी से नहीं बल्कि…

नई दिल्ली – गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित तौरपर ऑक्सीजन खत्म होने से अबतक 30 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। ये सभी बच्चे एनएनयू वार्ड और इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। यह घटना 9 अगस्त की शाम को सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के 2 दिन बाद हुई है। ऐसा कहा जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी थी। लेकिन, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए बच्चों की मौत के पीछे की वजह आक्सीजन की कमी को नहीं बल्कि कुछ और बताया है। Cm yogi adityanath Gorakhpur hospital death oxygen.

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले, गंदगी से हुई बच्चों की मौत

गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज (बीआरडी) में कथित तौरपर ऑक्सीजन कि कमी से 30 बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन कि वजह से नहीं बल्कि गंदगी के कारण हुई है।

योगी आदित्यनाथ ने आज कहा है कि, इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस बीमारी साल 1978 से फैली हुआ है। इस बिमारी कि वजह से पूर्वी यूपी के मासूम बच्चे असमय मौत का शिकार बन रहे हैं। इसके पीछे की असल वजह गंदगी और खुले में शौच करना है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक संकट कि स्थिति है और हमें इसका समाधान निकला है।

कॉलेज के प्रिंसिपल को सरकार ने किया सस्पेंड

वहीं, इस घटना के पीछे गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आके मिश्रा कि लापरवाही भी सामने आई है, जिसकी वजहा से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि बच्चों की मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस की वजह से बीते तीन साल अगस्त 2014 में 567, अगस्त 2015 में 558 और अगस्त 2016 में 587 बच्चों की मौत हुई है। इस मामले पर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि आक्सीजन की कमी से बच्चों की मृत्यु कि खबर भ्रामक है।