संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन पास हुआ बाल श्रम संशोधन विधेयक

http-%2F%2Fo.aolcdn.com%2Fhss%2Fstorage%2Fmidas%2Fa8942e6b52e7304a274db607741d314d%2F204128626%2FRTR3B219

मानसून सत्र के सातवें दिन हुई भाजपा के संसदीय समिति की बैठक, जिसका मुख्य विषय था वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक।

वहीं राज्य सभा में डीएमके नेता कनिमोझी और राज्यसभा सदस्य जय बच्चन ने बलात्कार और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों की बढ़ती हुई घटनाओ का मुद्दा उठाया। उपसभापति पी जे कुरियन ने उन्हें इसके लिए नोटिस देने की सलाह दी।

दलितों पर बढ़ रहा अत्याचार भी सदन के मुख्य मुद्दों में रहा। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी पर दलितों की दुर्दशा के लिए आरोप लगाते हुए कहा कि जबसे बीजेपी सदन में है दलित परेशान हैं।

बाल श्रम विधेयक लोकसभा में चर्चा का विषय रहा, और भाजपा सांसद वरुण गांधी ने इसके सम्बन्ध में कहा, “यह गुलामी का ही एक रूप है, न कि कोई कौशल प्रशिक्षण। पूरी दुनिया में बाल श्रमिकों की संख्या भारत में सबसे अधिक है।” भाजपा के आरके राय ने कहा कि, ” जनसंख्या के बढ़ने से ऐसी समस्याएं आ रही है जिसकी वजह से ज्यादातर बच्चों को श्रम करने के लिए मजबूर किया जाता है।”

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की 2015 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्तर पर 5 से 17 वर्ष उम्र के 16 करोड़ 80 लाख बच्चों में से लगभग 57 लाख अकेले भारत से हैं।

भारत में बाल श्रमिकों का आधे से ज्यादा हिस्सा कृषि में कार्यरत है और बाकि का बचा हिस्सा सिलाई, कढ़ाई, माचिस निर्माण, होटल, दुकान और घरेलु कार्यों में लगा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

12 + one =