इंग्लैंड में रहने वाले हिन्दुओं को भारी झटका, चर्बी वाले नोटों पर नहीं लगेगा प्रतिबन्ध

लन्दन: आपको 1857 की क्रांति तो याद ही होगी। उस समय भारतीय सिपाहियों ने इस लिए अंग्रेजों का विरोध किया था कि वह गोली में चर्बी का इस्तेमाल करते थे। ब्राह्मण समुदाय के भी कुछ सिपाही उसमें शामिल थे जो शाकाहारी थे। उन्होंने इसका जमकर विरोध किया और ये विरोध एक बड़ी क्रांति में बदल गयी। अब एक बार फिर से चर्बी की वजह से विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

सितम्बर माह में जारी करने की कर रहा है तैयारी:

इस बार यह प्रदर्शन भारत में नहीं बल्कि इंग्लैंड में हो रहा है। दरअसल इंग्लैंड में चर्बी वाले नोट छापने की वजह से हिन्दू समुदाय इसका विरोध कर रहा है। पिछले साल 5 पाउंड की नई करंसी जारी की गयी थी, जिसमें चर्बी के अंश हैं। इस साल बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने 10 और 20 पाउंड की करंसी भी छप ली है और इसे सितम्बर माह में जारी करने की तैयारी कर रही है। बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने यह स्वीकार कर लिया है कि नई करंसी में जानवर की चर्बी मिली हुई है।

हिन्दू संगठनों को लगा है भारी धक्का:

लेकिन बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने यह भी साफ़-साफ कह दिया कि नोट को केवल इसलिए वापस नहीं लिया जायेगा क्योंकि कुछ हिन्दू संगठन और शाकाहारी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। बैंक के इस फैसले के बाद इंग्लैंड में रहने वाले हिन्दुओं को भारी धक्का लगा है। नेवादा में एक वक्तव्य देते हुए हिन्दू राजनेता राजन जेड ने कहा कि हिन्दुओं के लिए यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने से इनकार कर दिया है।

बैंक को नहीं लेना-देना है हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं से:

बैंक ने आपत्तिजनक बहुलक बैंक जारी करने का फैसला लिया है। राजन का कहना है कि ऐसा लगता है कई बैंक ऑफ़ इंग्लैंड को हिन्दुओं की धार्मिक भावना से कोई लेना-देना नहीं है। अगर ऐसा नहीं होता तो बैंक इस फैसले को सही नहीं ठहराता। उन्होंने बैंक के किसी पूर्व वादे का हवाला देते हुए कहा कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के उस दावे का क्या हुआ, जिसमें कहा गया था कि बैंक के लिए समानता, विविधता और समावेश बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

परामर्श के बाद ही जारी होगा 20 पाउंड का नोट:

राजन जेड ने बैंक ऑफ़ इंग्लैंड पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि, बैंक अपने स्वयं के मिशन जो यूनाइटेड किंगडम के लोगों की भलाई को बढ़ावा देना था, के विपरीत काम कर रही है। क्योंकि यूनाइटेड किंगडम में भारी संख्या में हिन्दू आबादी रहती है। उधर बैंक ने संगठन से कहा है कि इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। केवल यही नहीं 20 पाउंड के नोट को परामर्श के बाद ही जारी किया जायेगा।