समाचार

देहज का दानव 7 जिंदगियां लील गया, 3 बहन और उनके बच्चों की एकसाथ उठी अर्थी, लोगों के दिल दहल गए

कई लोग अपनी लड़की की शादी की इतनी जल्दी में रहते हैं कि ना तो लड़की उम्र देखते हैं और ना ही लड़के के परिवार का संस्कार। इसका नतीजा बेहद भयावह और दिल दहलाने वाला हो सकता है। राजस्थान के जयपुर से इसी तरह का एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है जहां दहेज का दानव एकसाथ 7 जिंदगियां लील गया।

जयपुर की घटना

जयपुर के दूदू इलाके में एक ही परिवार के पांच लोगों की लाश कुएं में मिली है। इस सनसनीखेज वारदात को पुलिस आत्महत्या मान रही है।  पुलिस के मुताबिक, मृतकों में तीन बहनें शामिल हैं, जिनकी शादी एक ही परिवार में बहुत कम उम्र में हो गई थी और उनके दो बच्चे थे औऱ इनमें से दो महिलाएं गर्भवती भी थीं। 25 मई को तीनों बहनें बच्चों संग बाजार जाने के बहाने निकली थीं, लेकिन जब वो वापस घर नहीं आईं तो उनके परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग जगहों पर गुमशुदगी के पोस्टर लगा दिए और शिकायत दर्ज कराई।

वहीं, तीनों बहनें के एक चचेरे भाई ने आरोप लगाया कि मेरी एक बहन को उसके ससुराल वालों ने वालों ने बुरी तरह पीटा था। हमारी बहनों की हत्या की गई है। पुलिस को शवों को खोजने में वक्त लगा है। इधर, पुलिस ने ससुराल वालों के परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लिया है। मृतकों की पहचान काली देवी (27), ममता (23) और कमलेश (20) के रूप में हुई है। मरने वालों में हर्षित (4) और 20 दिन का एक का एक बच्चा भी शामिल है। ममता और कमलेश गर्भवती थीं।

पुलिस खुदकुशी मान कर चल रही है

जयपुर ग्रामीण के एसपी मनीष अग्रवाल ने कहा कि तीनों महिलाओं में से एक ने वॉट्सऐप पर एक स्टेटस भी पोस्ट किया था कि वो अपने ससुराल वालों से परेशान हैं, इसलिए मर जाना बेहतर है। वहीं, मृतक महिलाओं के पिता ने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।

पति अनपढ़ और शराबी थे

तीनों बहनें पढ़ाई कर जिंदगी संवारना चाहती थीं जबकि तीनों के अनपढ़ पति शराब के नशे में उन्हें मारते-पीटते थे। वो शराबी और शक्की मिजाज के थे। पुरखों की जमीन बेचकर वो जीवन काटते थे और कोई काम नहीं करते थे।

जानकारी के मुताबिक, जयपुर के महरानी कॉलेज में पढ़ाई कर कमलेश ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था, जबकि उनके आरोपी पति पांचवीं-छठी क्लास तक ही पढ़े हुए थे वहीं, ममता का चयन पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा में हो गया था बड़ी बहन काली बीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही थी


उच्च जांच की मांग

पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने कहा कि 7 लोगों की जान चली गई क्योंकि दो महिलाएं गर्भवती थीं और अपने अजन्मे बच्चे के साथ मर गईं। यह एक अत्यंत जघन्य. अपराध है और महिलाओं की पीड़ा समझ से परे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस के बजाय एक उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए।

Back to top button