समाचार

उत्तराखंड के पूर्व मंत्री ने टंकी पर चढ़ खुद को गोली से उड़ाया, बहू ने लगाए थे बेहद संगीन आरोप

उत्तराखंड के हल्द्वानी में पूर्व दर्जाप्राप्त मंत्री ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एचआर बहुगुणा कई पदों पर रह चुके थे और वर्तमान में रोडवेज के सीनियर लिपिक थे।

वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संघ के प्रदेश सचिव और परिवहन संघ के पूर्व संगठन मंत्री रह चुके थे। बहुगुणा ने बुधवार को ओवरहेड टैंक में चढ़कर 315 बोर के तमंचे से सीने में गोली मारी। पुलिस के अनुसार वह तीन दिन पहले पोती से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने से अवसाद में थे।

वार्ड नंबर 60 गौजाजाली नियर विद्या भारती स्कूल के पास रहने वाले एचआर बहुगुणा एनडी तिवारी सरकार में दर्जाप्राप्त मंत्री रहने के साथ कई संगठनों से जुड़े रहे। पुलिस के मुताबिक बुधवार की दोपहर में बहुगुणा ने खुद डायल 112 में काल कर बताया कि वह ओवरहेड टैंक में चढ़कर खुदकुशी कर रहे हैं।

इस पर पुलिस टीम के मौके पर पहुंची। उनके समझाने की कोशिश कई गई लेकिन बहुगुणा नहीं माने तो बनभूलपुरा थाना एसओ नीरज भाकुनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाउड स्पीकर के जरिए टैंक पर चढ़े बहुगुणा से बात की और आश्वासन दिया कि उनकी बात सुनीं जाएगी। बहुगुणा ने टैंक से बताया कि उन पर पोती से दुष्कर्म का जो मुकदमा दर्ज कराया गया है, वह गलत है।

बहू उन पर 40 लाख रुपये लेने का दबाव बनाकर ब्लैकमेल कर रही है। काफी देर चली बातचीत पर बहुगुणा ने नीचे आने की बात कही। नीचे आने के बजाय खुद के सीने पर 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी। एसओ उन्हें एसटीएच लेकर आए। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सीओ सिटी भूपेंद्र सिंह धोनी ने बताया कि बहुगुणा पर दर्ज मुकदमे की जांच की जा रही है। जांच में आरोप गलत पाए गए और स्वजनों ने तहरीर दी तो तो बहू के विरुद्ध केस दर्ज किया जाएगा। एचआर बहुगुणा कांग्रेस नेता थे। आजीवन वह कांग्रेस से जुड़े रहे। रोडवेज संघ समेत कई अन्य संगठनों में भी वह उच्च पदों पर रहे। हल्द्वानी डिपो के वर्कशाप में वह सीनियर लिपिक के पद पर कार्यरत थे। 31 अक्टूबर को वह रिटायर्ड हो रहे थे।

पोती से दुष्कर्म के एक बाद 24 मई को एचआर बहुगुणा पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ। पड़ोसी महिला ने एचआर बहुगुणा पर रास्ते में रोककर अभद्रता का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।

Back to top button