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क्रिकेट, कॉमेडी शो, पॉलिटिक्स और अब जेल में मिला सिद्धू को नया काम, जानिए कितनी मिलेगी पगार

34 साल पुराने रोड रेज मामले में पटियाला सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को जेल में काम मिल गया है। सिद्धू के लिए राहत की बात है कि उनको फैक्‍टरी में काम नहीं करना पड़ेगा। उनको जेल में फाइलें देखने का काम मिला है। दरअसल वह जेल में मुंशी या क्लर्क वाला काम करेंगे।

कैदियों की फाइल तैयार करेंगे

बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू को 34 साल पुराने रोड रेज केस में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनोंं एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इससे पहले 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एक हजार रुपये का जुर्माना कर छोड़ दिया था, लेकिन रोड रेज की घटना के दौरान‍ नवजोत सिद्धू से झगड़े में मारे गए गुरनाम सिंह के परिवार ने रिव्‍यू पिटीशन दायर किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को एक साल सश्रम कैद की सजा सुनाई।

फैक्टरी जाने से बच गए सिद्धू

जेल में नवजोत सिंह सिद्धू को काम अलाट किया गया। जेल प्रशासन द्वारा उनको जेल में फाइलें देखने का काम सौंपा गया है। बताया जाता है कि नवजोत सिद्धू को सुरक्षा कारणों से जेल की फैक्टरी में काम नहीं दिया गया है। इससे सिद्धू को बड़ी राहत मिली है।

जानकारी के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू को रोज जेल दफ्तर की फाइलें भिजवाई जाएंगी। उनकी ड्यूटी सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक होगी। इस काम के लिए उन्‍हें पारिश्रमिक भी दिया जाएगा, लेकिन पहले से अनुभव न होने के कारण तीन महीने का उनका प्रशिक्षण काल होगा।

दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू को जेल के अंदर मुंशी पद मिला है। इस पद पर वह जेल के अंदर बंद कैदियों की फाइलें देखेंगे और कैदियों की फाइल तैयार करने का काम करेंगे। यह काम वह अपने बैरक में बंद रहते हुए करेंगे, क्योंकि सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें बैरक से बाहर निकलने की मनाही है। पहले तीन महीने तक वह मुंशी पद पर रहते हुए क्‍लर्क वाला काम करेंगे और इस दौरान उन्हें किसी भी तरह का मेहनताना नहीं मिलेगा।

जानकारी के अनुसार, सिद्धू को तीन माह बाद काम करने के अर्द्ध कुशल श्रमिक के तौर पर 40 रुपये प्रतिदिन का मेहनताना मिलेगा। इसके बाद सिद्धू को कुशल होने पर 90 रुपये प्रतिदिन का मेहनताना दिया जाएगा। यह पैसा उनके जेल के अंदर बने खाते में जमा होंगे। बता दें कि इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू के लिए टाइट प्‍लान तय कर‍ दिया गया है। इस संबंध में पटियाला के राजिंदरा अस्‍पताल की विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट पटियाला की अदालत को सौंप दी थी।

नवजोत सिद्धू को किसी भी तरह की आफिस फाइल नहीं दी जाएगी। वह सिर्फ कैदियों की केस फाइल तैयार करने का काम करेंगे। कैदी पर कब केस दर्ज हुआ, कौन सा केस दर्ज हुआ और मौजूदा समय में इसका क्या स्टेटस है, ये सब जानकारी उन्हें फाइल में लिखनी होगी। इसके अलावा नए कैदी की डिटेल भरने का जिम्मा भी उन्हें ही सौंपा गया है। यह काम वह अपनी बैरक में ही करेंगे, क्योंकि सुरक्षा के चलते उन्हें बैरक से बाहर निकालने की मनाही है।

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