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पाकिस्तान: इमरान खान और सेना के बीच टकराव, ऱातभर आगजनी-बवाल, शहबाज को 6 दिन का अल्टीमेटम

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) ने विधानसभा भंग करने और चुनाव की घोषणा करने के लिए शहबाज सरकार को छह दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस्लामाबाद के जिन्ना एवेन्यू में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि आयातित सरकार 6 दिन में चुनाव की तारीख का ऐलान करें । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर चुनाव घोषित नहीं हुआ और विधानसभाएं भंग नहीं हुईं तो वह लोगों के साथ इस्लामाबाद लौट आएंगे।

PTI के 2 कार्यकर्ता मारे गए

इमरान ने कहा कि सरकार देश को अराजकता की ओर ले जा रही है। सरकार के इशारे पर पीटीआई के दो कार्यकर्ताओं को शहीद करने का उन्होंने आरोप लगाया। इमरान खान ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन को विफल करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए गए। सरकार के पिठ्ठुओं ने जिस तरह आंसू गैस के गोले दागे वह अभूतपूर्व था।

रातभर आगजनी और बवाल

गौरतलब है कि बुधवार रात 11 बजे इमरान खान का कारवां इस्लामाबाद में दाखिल हुआ था। इससे पहले इमरान खान ने कार्यकर्ताओं को डी-चौकी पहुंचने का निर्देश दिया था, जो देर रात एक बार फिर रणभूमि बन गया। यहां पीटीआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव किया और एक बख्तरबंद वाहन में आग लगा दी। डी-चौक पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव भी किया।

कार्यकर्ता रात भर कंटेनरों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां पर पुलिस और इमरान खान के समर्थकों के बीच जमकर पत्थरबाजी और आंसू गैस के गोले चले। इस दौरान इमरान समर्थकों ने इस्लामाबाद में एक मेट्रो स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। वहीं, उपद्रव में दो पीटीआई कार्यकर्ताओं की भी मौत हो गई।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही बवाल

सरकार की ओर मार्च की इजाजत नहीं मिलने और सख्ती को देखते हुए पीटीआई कार्यकर्ता दिन भर छिपे रहे, लेकिन शाम सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही बाहर निकल आए। इसके बाद इन लोगों ने डी-चौक में आग लगा दी। मार्च में प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों और वाहनों में भी आग लगा दी। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने आग बुझाने के लिए आ रही दमकल की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए।

सरकार ने बुलाई सेना

सरकार ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इस्लामाबाद में सेना बुला ली है। अधिसूचना के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत सेना बुलाई गई है। रेड जोन में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सेना को बुलाया गया है। सेना को रेड जोन में सरकारी भवनों की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। इससे पहले, पीटीआई कार्यकर्ता और पुलिस इस्लामाबाद के डी-चौक पर भिड़ गए थे, जिससे इस्लामाबाद का डी-चौक युद्ध के मैदान में बदल गया था।

खबरों के मुताबिक, गोलाबारी के बाद सुरक्षाकर्मियों ने डी-चौक पर गिरफ्तारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस की गोलाबारी और गिरफ्तारी के बाद पीटीआई कार्यकर्ता डी-चौक से पीछे हटने लगे हैं। पाकिस्तान के संघीय कानून मंत्री नजीर तरार ने कहा है कि इस्लामाबाद में आगजनी और तोड़फोड़ के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है।

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