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ज्ञानवापी के अंदर ऐश्वर्य मंडप होने का दावा, मंडप में बहुत बड़ा खजाना होने के भी साक्ष्य!

ज्ञानवापी परिसर का मामला कोर्ट पहुंचने के बाद कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पहली बार ज्ञानवापी के अंदर हुए सर्वे और वीडियोग्राफी के बाद ऐसे तथ्यों और दावों की अब सच होने की संभावना बढ़ गई हैं। इस संबंध में एक नया दावा काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत ने किया और इसके लिए प्राचीन ग्रंथों को साक्ष्य के रूप में पेश किया है।

तहखाने के नीचे दबा है खजाना!

काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत कुलपति तिवारी ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने के भीतर खजाना है। उन्होंने इसे ऐश्वर्य मंडप का नाम दिया है। महंत कुलपति तिवारी ने दावा किया है कि ज्ञानवापी के पूरब में बने तहखाने में खजाना दबा है। महंत ने अपने दावे को धर्मग्रंथ की कसौटी पर कसा और निर्णय संधु समेत स्कंद पुराण के श्लोकों के जरिए अपनी बात को साबित करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि कई धर्मग्रंथों के मुताबिक ज्ञानवापी के पूर्वी हिस्से में ऐश्वर्य मंडप दबा है, जिसे लोग तहखाना कहते हैं और उसी की नीचे खजाना भी है।

एक और शिवलिंग होने का दावा

खजाने का दावा करने वाले काशी विश्वनाथ के महंत ने एक दिन पहले ही ज्ञानवापी में एक और शिवलिंग का दावा किया था। उन्होंने उसी जगह पर शिवलिंग होने की बात कही जहां वजूखाना है। जबकि पहले ही यहां शिवलिंग और फव्वारा को लेकर विवाद चल है। दावे वाला दूसरा शिवलिंग भी नंदी की मूर्ति के सामने ही है। माना जाता है कि नंदी अकेले नहीं होते। उनके मुख के सामने शिव जरूर होते हैं। नए दावे का आधार भी यही है।

महंत ने याचिका भी डाली

इसके अलावा ज्ञानवापी परिसर में मिले कथित शिवलिंग की पूजा अर्चना के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉक्टर कुलपति तिवारी ने ने अदालत में याचिका भी दायर की। तिवारी ने कहा, ”मैं बाबा विश्वनाथ की तरफ से आया हूं। मैंने आज एक याचिका दाखिल कर अदालत से बाबा के नियमित दर्शन पूजन मांग की है। मुझे बाबा के राग, भोग, सेवा और भक्तों को दर्शन की अनुमति दी जाए।”

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