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मासूम बच्ची के जीवन में यशोदा मैया बनकर आई थीं एक टीचर, अब बेटी की विदाई के समय हुई अजीब बात

एक मां एक मासूम बच्ची के जीवन में यशोदा मैया बनकर आईं, बचपन, किशोरावस्था और फिर युवावस्था तक इन यशोदा मैया ने अपनी बेटी का पूरा ख्याल रखा। जब शादी का वक्त आया तो उन्होंने खूब भागदौड़ कर एक अच्छा वर तय किया और फिर शादी हुई। लेकिन जब बेटी की विदाई की बारी आई तो ये यशोदा मैया बेहद भावुक हो गईं। क्या है पूरा मामला आपको आगे बताते हैं।

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में गुरुवार को हुई शादी की खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, ये अनोखी शादी एक आदिवासी बेटी की थी। ब्राह्मण समाज की रिटायर्ड शिक्षिका ने अपनी मुंह बोली बेटी का विवाह धूमधाम से वैदिक रीति-रिवाजों से कराया। महिला ने बचपन से इस युवती को पाला था।

बेटी के माता-पिता उनके खेत पर मजदूरी करते थे। महिला ने युवती को एमकॉम तक पढ़ाया और योग्य वर ढूंढकर शादी कराई। इस अनूठी शादी में प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल भी शामिल हुए।

ये शादी उपरीत परिवार ने कराई। रिटायर्ड टीचर किरण उपरीत और उनके पति की कोई संतान नहीं है। उपरीत परिवार के खेत पर खंडवा जिले के दामजीपूरा में रहने वाले सिद्दू सलामे मजदूरी किया करते थे। सिद्दू की दो बेटियां बाली और शिवकांति हैं। शिवकांति बाली से छोटी है। इन दोनों को किरण ने 15 साल पहले ही अपने पास रख लिया था।

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किरण और उनके पति ने दोनों को पढ़ाया-लिखाया और हर उस ख्वाहिश को पूरा किया जो बेटियां करती हैं। जब बाली ने एमकॉम और कंप्यूटर डिप्लोमा कर लिया और शादी योग्य हुई तो उसके लिए योग्य वर ढूंढा और शादी कराई। दूसरी ओर, उसकी छोटी बहन शिवकांति ने भी बारहवीं पास कर ली है। दोनों बहनों ने कहा कि किरण उपरीत उनके लिए मां यशोदा हैं। दोनों ने कहा कि मां ने उन्हें अच्छी परवरिश देकर जीवन संवार दिया।

विदाई के समय भावुक हो गईं यशोदा मैया

बेटी की शादी के मौके पर मां किरण उपरीत ने कहा कि आज मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ा दिन है। बेटी की विदाई कर रही हूं। हम भगवान के आभारी हैं कि उन्होंने हमारे हाथ से कन्यादान कराया। इस दौरान किरण भावना से भर गईं और उनके आंसू छलक गए। उन्होंने कहा कि अब बेटी चली जाएगी तो घर सूना-सूना लगेगा। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू आ गए और गला रुंध गया।

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